फूलपुर हत्याकांड में सख्त हुए पुलिस आयुक्त, NSA और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के दिए निर्देश
वाराणसी :- पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को सर्किल पिण्डरा के थाना बड़ागांव, फूलपुर एवं सिंधौरा का निरीक्षण कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं की प्रगति तथा तकनीकी पुलिसिंग की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान थाना बड़ागांव में अर्दली रूम आयोजित कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने थाना फूलपुर क्षेत्र के चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अभियुक्तों के विरुद्ध त्वरित, कठोर एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तेज की जाए। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई कर कानून का सख्त संदेश देने, गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीट खोलने तथा उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
पुलिस आयुक्त ने विवेचना को गुणवत्ता एवं साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर आरोप पत्र तत्काल न्यायालय में प्रेषित करने को कहा। उन्होंने मुकदमे की प्रभावी और मजबूत पैरवी सुनिश्चित करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड दिलाने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान “ऑपरेशन चक्रव्यूह” अभियान की समीक्षा करते हुए पुलिस आयुक्त ने थाना फूलपुर द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 300 से अधिक वाहनों के विरुद्ध की गई सीज कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने इसे अनुशासित एवं प्रभावी पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए जिले के सभी थानों को इसी प्रकार सघन, दृढ़ एवं परिणाममुखी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विवेचना रजिस्टर एवं SID Creation की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि प्रत्येक मुकदमे में शत-प्रतिशत यूनिक SID बनाया जाए तथा कोई भी विवेचना 60 दिनों से अधिक लंबित न रहने पाए।
पुलिस आयुक्त ने नव नियुक्त आरक्षियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उन्हें क्षेत्रीय उत्तरदायित्वों, जनसंपर्क एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कार्यों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उनकी कार्यकुशलता एवं निर्णय क्षमता का विकास हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नए आरक्षियों को प्रतिदिन छह घंटे इनडोर तथा छह घंटे आउटडोर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। साथ ही थाना स्तर पर अभिलेखीय कार्य, बीट ड्यूटी, गश्त, जनसुनवाई एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाए।
उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक नए आरक्षी को सीसीटीएनएस प्रणाली, सीडीआर विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज निरीक्षण एवं डीवीआर संचालन का तकनीकी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही ई-साक्ष्य एवं ई-समन प्रणाली की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने पर भी बल दिया, ताकि डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
“ऑपरेशन चक्रव्यूह” अभियान के तहत जनपद में मंगलवार को कुल 36 वाहनों को सीज किया गया, जबकि 640 वाहनों का चालान कर 10 लाख 37 हजार 200 रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त 23 अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त गोमती जोन सुश्री नीतू, अपर पुलिस उपायुक्त श्री निपेन्द्र सिंह सहित संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


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