जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, 24 घंटे के भीतर चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने ऐसे सुलझाया मामला
पुलिस के अनुसार घटना के बाद तत्काल जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों व स्थानीय सूचना के आधार पर 24 घंटे के भीतर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल भारतीय, विकास विश्वकर्मा, सुजीत वाल्मीकि और कृष्णा वाल्मीकि के रूप में हुई है।जांच में पता चला कि विशाल भारतीय को विश्वास था कि उसके परिवार पर आई मुसीबतों और मौतों के पीछे राजन का हाथ है। इसी धारणा के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक सुजीत और कृष्णा ने गोली चलाकर वारदात को अंजाम दिया, जबकि विशाल और विकास ने घटना में सहयोग किया।
पूछताछ में सामने आई अंधविश्वास की कहानी
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी ने दावा किया कि मृतक तंत्र-मंत्र करता था और उसके कारण परिवार के सदस्यों की मौत हो रही थी। आरोपी का मानना था कि राजन को रास्ते से हटाने पर परिवार की परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को बचाने के लिए तरह-तरह की बातें भी कहीं। उसने यहां तक दावा किया कि उसके ऊपर उसके पिता की आत्मा का साया है, लेकिन सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उसने स्वीकार कर लिया कि वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।
अवैध हथियारों के स्रोत की तलाश
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद हथियारों को जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद पिस्टल अवैध प्रतीत हो रही है, इसलिए यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार चारों आरोपी आपस में परिचित थे। इनमें से दो आरोपी एक ही इलाके के निवासी हैं, जबकि अन्य दो मंडुवाडीह क्षेत्र के रहने वाले हैं। सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


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