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    वाराणसी के कोचिंग सेंटरों में आग से बचाव का अभ्यास, लखनऊ हादसे के बाद प्रशासन सतर्क

    • मोहम्मद रिजवान

    वाराणसी :- लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुई जनहानि ने बनारस में भी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में लंका, रविंद्रपुरी, साकेत नगर, कबीर नगर, दुर्गाकुंड और आसपास की कालोनियों व संकरी गलियों में बिना पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था के सैकड़ों कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।

    कई बहुमंजिला भवनों और छोटे-छोटे कमरों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति में छात्रों को बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन सकता है। लखनऊ की घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने जिले के कोचिंग संस्थानों की पड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के निर्देश पर शहर और पिंडरा क्षेत्र के नौ कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया।

    जांच के दौरान पांच संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों में गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अग्निशमन अधिकारियों की टीम ने दुर्गाकुंड स्थित जेआरएस कोचिंग, एल-1 कोचिंग और साकेत नगर स्थित एलन कोचिंग सेंटर, मकबूल आलम रोड के आकाश कोचिंग, विनायक प्लाजा स्थित माइक्रोटेक कोचिंग तथा खजुरी के सुधाकर रोड स्थित जेबीकेबी कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया। इसके अलावा पिंडरा क्षेत्र के शगुनहा-बाबतपुर स्थित शिव प्रभा भवन, इसरो सेल स्टडी सेंटर और इंस्टीट्यूट आफ कंप्यूटर एजुकेशन बाबतपुर की भी जांच की गई।

    निरीक्षण के दौरान माइक्रोटेक कोचिंग में स्मोक डिटेक्टर कार्यशील नहीं मिला, जबकि जेबीकेबी कोचिंग सेंटर में केवल अग्निशामक यंत्र लगा पाया गया। कुल नौ कोचिंग संस्थानों की जांच में पांच में फायर हाइड्रेंट सिस्टम, फायर पंप और अन्य अग्निशमन उपकरणों की कमी सामने आई।

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि संबंधित संस्थानों को तत्काल सुरक्षा उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। खामियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा।

    केवल 15 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास है एनओसी

    मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार वाराणसी में केवल 15 बड़े कोचिंग संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) है। इनमें फायर अलार्म, हाइड्रेंट सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरण लगे हैं। बाकी संस्थानों की भी जांच कराई जा रही है। वहीं, बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम श्रेणी के कोचिंग सेंटर बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर खतरा बन सकते हैं।


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