काशी में कुंभ की तैयारियों का शंखनाद, जूना अखाड़े की राष्ट्रीय बैठक में जुटेंगे 1000 से अधिक संत; नेपाल से भी आएंगे प्रतिनिधि
वाराणसी :- आगामी हरिद्वार अर्धकुंभ और नासिक सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों को लेकर काशी में संत समाज की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में 12 जुलाई को जूना अखाड़े के प्रधान कार्यालय में राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसमें देशभर की 500 से अधिक शाखाओं से जुड़े 1000 से ज्यादा संत, महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और पदाधिकारी शामिल होंगे। नेपाल से भी प्रतिनिधिमंडल बैठक में भाग लेने के लिए काशी पहुंचेगा, जबकि कुछ संत ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे।
बैठक में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद महाराज के नेतृत्व में हरिद्वार अर्धकुंभ और नासिक सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। आयोजन स्थल पर टेंट व्यवस्था, कोठारियों की रवानगी, संतों के प्रवास, विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों के निर्धारण तथा अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन भारती ने बताया कि हरिद्वार में जमीन आवंटन की प्रक्रिया जारी है और नवंबर तक टेंट निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अखाड़े के संतों का जत्था हरिद्वार के लिए रवाना होगा, जहां वे प्रमुख स्नानों और साधना में भाग लेंगे।
बैठक में हरि गिरि, प्रेम गिरी, उमाशंकर भारती सहित करीब 20 महामंडलेश्वर, श्रीमहंत और जूना अखाड़े की 52 सदस्यीय समिति भी मौजूद रहेगी। शुक्रवार से ही देश के विभिन्न राज्यों से संतों और पदाधिकारियों का काशी पहुंचना शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि काशी को अखाड़ों की प्रमुख स्थली माना जाता है। यहां तेरह अखाड़ों में से आठ के प्रधान कार्यालय स्थित हैं, जबकि शेष अखाड़ों की प्रमुख शाखाएं भी यहीं संचालित होती हैं। जूना अखाड़े के साथ-साथ निरंजनी, अटल, निर्वाणी, अग्नि, आनंद और वैष्णव अखाड़ों ने भी कुंभ को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और लगातार बैठकें कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

No comments