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    राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, 7 लोक कल्याण मार्ग तक मार्च; पीएम मोदी और अमित शाह से इस्तीफे की मांग

    नई दिल्ली :- राजधानी दिल्ली के लुटियंस जोन में मंगलवार को उस वक्त राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में समूचा विपक्ष एकजुट होकर सीधे प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) का घेराव करने सड़क पर उतर आया। संसद से लेकर सड़क तक के इस अभूतपूर्व संग्राम में विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी। विरोध प्रदर्शन कर रहे सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

    संसद से निकला मार्च, 7 लोक कल्याण मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात

    सुबह करीब 11:00 बजे संसद भवन परिसर से शुरू हुआ यह पैदल मार्च जैसे ही लोक कल्याण मार्ग की ओर बढ़ा, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री आवास से 500 मीटर पहले ही बहुस्तरीय बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोकने का प्रयास किया। मार्च के बैरिकेड्स पर पहुंचते ही माहौल गरमा गया। राहुल गांधी के साथ वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और 'इंडिया' गठबंधन के दर्जनों सांसद सुरक्षा घेरे को लांघने का प्रयास करने लगे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर सभी सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

    'सरकार ने लोकतंत्र को ताक पर रख दिया है': राहुल गांधी

    धरना स्थल से संसद और देश को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि  यह देश के युवाओं, संविधान और लोकतंत्र पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ जनता की आवाज है। आज देश में संस्थाओं को पंगु बना दिया गया है। जब तक प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान अपने पदों से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक विपक्ष का यह संग्राम थमेगा नहीं। हम जनता के हक की लड़ाई से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।"

    तीन बड़े मंत्रियों के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

    विपक्षी दलों ने एकजुट होकर तीन प्रमुख चेहरों के इस्तीफे की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा है :

    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: विपक्ष का आरोप है कि सरकार देश की बुनियादी समस्याओं, महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटका रही है और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
    • गृह मंत्री अमित शाह: देश की आंतरिक सुरक्षा, हालिया राज्यों की कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा एजेंसियों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।
    • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली, पेपर लीक मामलों और शिक्षा प्रणाली में जारी गड़बड़ियों का जिम्मेदार ठहराते हुए विपक्ष उनके इस्तीफे पर अड़ा है।

    3 घंटे तक ठप रहा लुटियंस दिल्ली, दर्जनों सांसद हिरासत में

    करीब तीन घंटे तक चले इस अभूतपूर्व धरने के कारण मध्य दिल्ली और लुटियंस जोन का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। भारी ट्रैफिक जाम की वजह से आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति को अनियंत्रित होता देख दिल्ली पुलिस ने दोपहर 2:00 बजे के करीब राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य सांसदों को एहतियातन हिरासत में लेकर बस में भरकर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन भेज दिया।

    सरकार का पलटाव: 'विपक्ष का यह केवल पब्लिसिटी स्टंट'

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सरकार ने विपक्ष के इस घेराव को गैर-जिम्मेदाराना और 'ड्रामा' करार दिया है। सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे संसद की कार्यवाही में बाधा डालने और देश में अराजकता फैलाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं।
    विपक्ष के इस आक्रामक रुख से साफ़ है कि आने वाले दिनों में संसद से लेकर राज्यों के चुनावी मैदान तक राजनीतिक घमासान और तीखा होने वाला है।


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