Rampur News: जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन का शिकंजा, कथित अवैध निर्माण पर विकास प्राधिकरण का नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब
अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर में बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के निर्माण किए जाने की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और प्रबंधन को विधिवत नोटिस सौंपा। नोटिस में निर्माण की वैधता से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा गया है।
सार्वजनिक सड़क और सरकारी भूमि पर भी उठे सवाल
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यूनिवर्सिटी परिसर से होकर गुजरने वाली सड़क को लेकर भी है। प्रशासन का दावा है कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग का है और लोक निर्माण विभाग (PWD) पहले ही इसे सार्वजनिक सड़क घोषित कर चुका है। इसी के साथ परिसर में सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण की शिकायतों की भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी ने परिसर के भीतर बोर्ड लगाकर स्पष्ट किया है कि यह सड़क आम नागरिकों के आवागमन के लिए खुली सार्वजनिक सड़क है। इसके बाद प्रशासन ने निर्माण कार्यों की वैधता की जांच तेज कर दी है।
15 दिनों के भीतर देना होगा जवाब
रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिला या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के मुताबिक, वर्ष 2024 से यह क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल है। ऐसे में सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है। यदि अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
लंबे समय से विवादों में रही है यूनिवर्सिटी
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पहले भी भूमि, निर्माण और अन्य कानूनी मामलों को लेकर सुर्खियों में रही है। ताजा नोटिस के बाद एक बार फिर परिसर में हुए निर्माण कार्यों की जांच तेज हो गई है। फिलहाल मामले में अंतिम निर्णय संबंधित विभागों की जांच, उपलब्ध अभिलेखों और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार और सभी पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए की जाएगी।

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