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    छात्र संवाद कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए किया प्रेरित

    वाराणसी :-
    पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार ने शुक्रवार को डी.ए.वी. पीजी कॉलेज, कोतवाली में आयोजित ‘छात्र संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं प्रबंधक से संवाद किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करते हुए सफलता के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण मंत्र दिए।
    पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना, समय का सदुपयोग करना, प्रभावी समय प्रबंधन, अनुशासन और निरंतर मेहनत बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।
    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अधिकारियों ने नियमित अध्ययन के साथ विषयवार रणनीति तैयार करने, समयबद्ध अध्ययन योजना बनाने, पुराने प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करने तथा समसामयिक घटनाओं की जानकारी रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है। असफलता को निराशा का कारण बनाने के बजाय उससे सीख लेते हुए अपनी कमियों को पहचानना और उनमें सुधार करना चाहिए।
    अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने बहुमूल्य समय का उपयोग अध्ययन एवं सकारात्मक गतिविधियों में करें। उन्होंने आत्मविश्वास, धैर्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच को सफलता की मजबूत आधारशिला बताते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।

    ‘छात्र संवाद’ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं भविष्य की संभावनाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न अधिकारियों के समक्ष रखे। पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें उचित मार्गदर्शन दिया।

    कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि सही दिशा, अनुशासन, समय का बेहतर प्रबंधन, निरंतर अध्ययन और असफलताओं से सीखने की क्षमता भी आवश्यक है। अधिकारियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति सजग, अनुशासित एवं समर्पित रहकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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