इमाम हसन (अ.स.) की शहादत और जनाजे का मार्मिक प्रसंग मजलिस में हुआ बयान, आज निकलेगा ताबूत-अलम व दुलदुल का जुलूस
वाराणसी :- फाटक शेख सलीम स्थित रिजवी हाउस में आयोजित तीन दिवसीय मजलिस के दूसरे दिन इमाम हसन (अ.स.) की शहादत से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को बयान किया गया। मौलाना सैयद वसीम असगर रिजवी ने मजलिस को संबोधित करते हुए इमाम हसन (अ.स.) की जिंदगी, शहादत और उनके जनाजे से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र किया।
मजलिस में बताया गया कि इमाम हसन (अ.स.) के इंतकाल के बाद जब उनके जनाजे को रसूल-ए-खुदा हजरत मोहम्मद साहब के पहलू में दफन करने के लिए ले जाया गया, तो वहां विरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई। विरोध के दौरान जनाजे की ओर तीर चलाए जाने का उल्लेख किया गया। हालात बिगड़ने पर जनाजे को वापस लाना पड़ा।
मौलाना ने इमाम हसन (अ.स.) को जहर दिए जाने के प्रसंग का भी विस्तार से जिक्र किया। मजलिस में जौदा बिन्त-ए-अशअस से जुड़े कथित घटनाक्रम को बयान करते हुए इमाम हसन (अ.स.) को हुई पीड़ा और उस दौर के हालात का उल्लेख किया गया। इस प्रसंग के दौरान मजलिस में मौजूद अकीदतमंद भावुक नजर आए।
मजलिस में वक्ता ने कहा कि इमाम हसन (अ.स.) ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद संयम और सब्र का परिचय दिया। उनके जीवन और शहादत से जुड़े प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।
आज निकलेगा ताबूत, अलम और दुलदुल का जुलूस
मजलिस के दौरान आयोजकों की ओर से बताया गया कि फाटक शेख सलीम स्थित रिजवी हाउस से आज ताबूत, अलम और दुलदुल का जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस को लेकर अकीदतमंदों में खासा उत्साह है। आयोजकों के अनुसार इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
तीन दिवसीय मजलिस के दौरान अकीदतमंदों की मौजूदगी बनी हुई है। मजलिस के समापन के बाद लोगों के बीच तबर्रुक वितरित किया गया।
इस अवसर पर सैयद साजिर हुसैन रिजवी, सैयद शाने अब्बास, सैयद ऐतल अब्बास, सैयद मोहम्मद हुसैन रिजवी, सैयद मोहम्मद अर्श, आरिफ रजा जुल्फेकार जैदी, सैयद फिरोज हुसैन, नय्याब रजा और मुदस्सिर रिजवी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

No comments