वाराणसी कचहरी में पीएम मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, अधिवक्ताओं ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
वाराणसी :- प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी को लेकर कचहरी परिसर एवं जिलाधिकारी कार्यालय के आसपास कथित तौर पर की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों और भ्रामक प्रचार के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर कुछ अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन से शिकायत करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीते कुछ दिनों से विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कुछ लोगों द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि जिला मुख्यालय परिसर और डीएम पोर्टिको के आसपास भी ऐसी टिप्पणियां किए जाने से माहौल प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन से जांच की मांग
अधिवक्ताओं की ओर से प्रशासन को दिए गए पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि सार्वजनिक परिसर में आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक सामग्री के प्रसार की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
विरोध का अधिकार, लेकिन मर्यादा जरूरी
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपनी बात रखना तथा विरोध दर्ज कराना नागरिकों का अधिकार है। हालांकि, उनका कहना है कि विरोध के दौरान व्यक्तिगत अपमान, अभद्र भाषा या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए।
सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
मामले में कचहरी और डीएम कार्यालय परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग भी उठाई गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत उचित कदम उठाया जाए।
फिलहाल शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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