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    केयर हॉस्पिटल में बच्चे की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप; चितईपुर मार्ग पर लगाया जाम...

    वाराणसी :- चितईपुर थाना क्षेत्र के नेवादा स्थित केयर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत के बाद सोमवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही, पैसे की मांग को लेकर उपचार प्रभावित करने और अभद्रता के आरोप लगाए। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर धरना देकर चितईपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस और एसीपी भेलूपुर मौके पर पहुंचे।
    कई दिनों से अस्पताल में भर्ती था बच्चा
    परिजनों के मुताबिक, बच्चे को तेज बुखार और खून में संक्रमण की शिकायत के बाद तीन अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने बच्चे के फेफड़े में पानी जमा होने की बात बताई। इसके बाद चेस्ट में ट्यूब डालने के लिए ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि 13 अगस्त को ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन संबंधित डॉक्टरों ने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

    भुगतान को लेकर भी विवाद का आरोप

    परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनसे लगातार भुगतान की मांग की गई। परिवार के अनुसार, 32 हजार रुपये एडवांस और 17 हजार रुपये ऑपरेशन शुल्क जमा कराने के बावजूद 15 रुपये के कथित बकाये को लेकर दवा लेने में परेशानी हुई। उनका आरोप है कि ऑनलाइन गलती से कर्मचारी के खाते में भेजी गई 2,000 रुपये की रकम को भी वापस करने अथवा बिल में समायोजित करने से इनकार किया गया।

    स्टाफ पर अभद्रता और मारपीट का आरोप

    परिजनों ने अस्पताल की जूनियर डॉक्टर/कर्मचारी अर्चना सिंह पर भी कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। परिवार का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने और पल्स कम होने पर डॉक्टर को बुलाने की मांग की गई, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। विरोध करने पर अस्पताल परिसर में एक महिला रिश्तेदार के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया।

    मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन

    सोमवार सुबह बच्चे को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने अस्पताल के बाहर सड़क पर धरना देकर यातायात रोक दिया। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलते ही चितईपुर पुलिस के साथ एसीपी भेलूपुर भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

    परिजनों ने मामले में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, इलाज से जुड़े चिकित्सकों की भूमिका की जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


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