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    नबी की शान में गुस्ताखी पर "इकरा हसन" की एंट्री, यति नरसिंहानंद के खिलाफ NSA की मांग कर कहा, संसद में आवाज उठाने से लेकर सु्प्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही

    पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादिक टिप्पणी करने वाले यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ उबाल है। यूपी से लेकर महाराष्ट्र तक चिंगारी भड़की हुई है। गाजियाबाद की डासना मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में मुसलमानों के जुटने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। नरसिंहानंद के बयान को लेकर असदुद्दीन ओवैसी, चंद्रशेखर आजाद रावण के बाद अब समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने मोर्चा खोल दिया है। इकरा ने नरसिंहानंद को नफरती और पाखंडी करार देते हुए रासुका और UAPA के तहत कार्रवाई की मांग की है।

    कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने महंत यति नरसिंहानंद के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए महंत नरसिंहानंद पर रासुका लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने नरसिंहानंद को पाखंडी और ढोंगी बताया और कहा कि उसने नफरत का जहर उगला है। हमारे प्यारे नबी की शान में गुस्ताखी की है, जो हम सभी के लिए बर्दाश्त के काबिल नहीं है। गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद पर NSA की कार्रवाई किए जाने की मांग करते हुए कैराना सांसद ने संसद में आवाज उठाने से लेकर सु्प्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही है।

    इकरा हसन ने कहा है कि यति नरसिंहानंद जैसे ढोंगी और पाखंडी लोगों ने एक बार फिर अपनी जुबान से नफरत का जहर उगला है। यह हमारे लिए नाकाबिल-ए-बर्दाश्त है। हमारे प्यारे नबी पूरी दुनिया के लिए रहमत और शांति का पैगाम लेकर आए थे, लेकिन उनकी शान में यह पाखंडी अपनी गंदी जुबान से अपमान कर रहा है। इसे हर अमन पसंद हिंदुस्तानी, चाहे वो हिंदू हों या मुसलमान, बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह हर बार अपनी जुबान से नफरत का बीज बोकर कानून से बच जाता है, क्योंकि राज्य सरकार ईमानदारी से अपना फर्ज नहीं निभा रही है।

    कैराना सांसद ने कहा, 'मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकार के जिम्मेदार लोगों को यह कहना चाहती हूं कि अब उनका यह ढुलमुल रवैया बिल्कुल नहीं चलेगा। यति नरसिंहानंद और इसके जैसे पाखंडियों के खिलाफ दिखावटी कार्रवाई ना की जाए। हेट स्पीच, UAPA और NSA की गंभीर धाराओं के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि यह एक नजीर बन सके और फिर कोई ऐसी जुर्रत ना कर सके। ऐसा ना होने पर संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हर मुमकिन कार्रवाई करेंगे। हर जगह विरोध दर्ज कराएंगे। अब चुप नहीं बैठेंगे।'

    इससे पहले AIMIM असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ईशनिंदा वाली टिप्पणी करने के लिए यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए यति नरसिंहानंद के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

    ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा को पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले यति नरसिंहानंद और अन्य के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि साबित हो सके कि वे पक्षपाती नहीं हैं। ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा।

    दरअसल, डासना देवी मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने गाजियाबाद के लोहियानगर में 29 सितंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। आरोप है कि इसमें उन्होंने एक धर्म विशेष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर मुस्लिम समाज के लोगों में नाराजगी है। उन्होंने दशहरा पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला नहीं जलाए जाने की बात कहते हुए पैगंबर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी।

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