काशी में गंगा की लहरों पर रोजा इफ्तार करने वाले 14 में से 8 युवकों को मिली हाईकोर्ट से राहत, जानें पूरा मामला
वाराणसी:- गंगा के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय शुक्रवार को सुनाया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए 14 लोगों में से आठ युवकों की जमानत अर्जी को कोर्ट ने मंजूर कर लिया है।
बीते दिनों रमजान माह के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवक गंगा के बीच चलती नाव पर बैठकर रोजा इफ्तार कर रहे थे। इस वीडियो के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया।
वहीं वाराणसी में अदालत से राहत न मिलने के बाद, इन युवकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने 8 युवकों की जमानत स्वीकार कर ली। अब ये युवक जल्द ही जेल से बाहर आ सकेंगे।
गंगा नदी, जो भारतीय संस्कृति और धार्मिकता का प्रतीक है, वहां पर नाव में नानवेज खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंकने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की थी। भाजपा नेता रजत जायसवाल के आरोप के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में नाव को कब्जे में लेने के बाद पार्टी का आयोजन करने की भी बातें सामने आई थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई के क्रम में 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में इन युवकों का शांति भंग में चालान कर जेल भेजा था। सभी के खिलाफ धार्मिक स्थलों को जानबूझकर अपवित्र करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, सार्वजनिक उपद्रव, सार्वजनिक जल स्रोतों को जानबूझकर गंदा या दूषित करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

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