ईद-उल-अज़हा 2026: जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने जारी किए दिशा-निर्देश, खुले में कुर्बानी और सोशल मीडिया पोस्ट से बचने की सलाह
वाराणसी/बरेली :- ईद-उल-अजहा के मद्देनज़र जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान ने लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने जानकारी दी कि इस साल ईद-उल-अजहा 28 मई, गुरुवार को मनाई जाएगी। सुबह ईद की नमाज़ के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि इस्लामी परंपरा के अनुसार कुर्बानी का समय 28 मई से शुरू होकर 30 मई की शाम तक रहेगा। यह पर्व हज़रत इब्राहीम और हज़रत इस्माइल की याद में मनाया जाता है, इसलिए मुसलमानों के लिए इसका खास महत्व है।
फरमान हसन खान ने लोगों से कहा कि कुर्बानी खुले स्थानों, सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर न करें। इसके लिए घरों या तय स्थानों का इस्तेमाल किया जाए। साथ ही प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से पूरी तरह बचने की भी अपील की गई है।
उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा और बताया कि जानवरों के अवशेषों को सुरक्षित तरीके से जमीन में दबाया जाए। खून या अन्य गंदगी सड़कों और नालियों में न जाने पाए, इसका भी ध्यान रखा जाए।
सोशल मीडिया को लेकर भी उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी से जुड़े फोटो या वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा करने से बचें और सभी धर्मों व समुदायों की भावनाओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखना सबसे जरूरी है।

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