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    AI तकनीक से लैस होगी बाबा दरबार की सुरक्षा, आईबी अपर निदेशक समेत अफसरों ने किया निरीक्षण


    वाराणसी :- आगामी श्रावण मास, पर्व-त्योहारों एवं श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को अपर निदेशक आईबी श्रीमती विनीता शर्मा, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल तथा अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) श्री तरुण गाबा ने श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने धाम क्षेत्र में पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ एवं अन्य अर्धसैनिक बलों की तैनाती, सीसीटीवी एवं पीटीजेड कैमरों द्वारा सतत निगरानी, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली की कार्यक्षमता, कंट्रोल रूम की तकनीकी सुदृढ़ता तथा संवेदनशील स्थलों पर रूफटॉप ड्यूटी व्यवस्था की विस्तारपूर्वक समीक्षा की।
    श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख द्वार संख्या-04 के निकट प्रशासनिक भवन के पास से वैकल्पिक मार्ग संचालित करने के निर्देश दिए गए। इससे उड़पी एवं आसपास के दुकानदारों, ग्राहकों तथा गंगा द्वार से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित निकासी में सुविधा मिलेगी।

    इसके अलावा धाम क्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंदिर परिसर की परिधीय दीवारों की ऊँचाई बढ़ाने, भैरव गेट पर आधुनिक स्लाइडिंग गेट लगाने तथा गलियों एवं संवेदनशील मार्गों में अतिरिक्त एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश भी अधिकारियों द्वारा दिए गए।

    भीड़ नियंत्रण को लेकर अधिकारियों ने बैरिकेडिंग, चरणबद्ध दर्शन व्यवस्था, होल्डिंग एरिया, वीडियो वॉल एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। श्रावण मास एवं विशेष पर्वों पर नो-व्हीकल और नो-मैन ज़ोन व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा की गई। वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

    प्रवेश द्वारों पर एक्स-रे बैगेज स्कैनर, मल्टी-जोन डीएफएमडी एवं आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सभी श्रद्धालुओं एवं कर्मचारियों की सघन चेकिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची वाले बड़े साइन बोर्ड लगाने तथा अतिरिक्त लॉकर एवं बैगेज काउंटर स्थापित करने पर भी विचार किया गया।

    गंगा घाटों एवं जलमार्ग सुरक्षा को लेकर जल पुलिस, एनडीआरएफ एवं पीएसी की संयुक्त बोट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने तथा मोटर बोट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं येलो जोन में रहने वाले लोगों, नाविकों एवं दुकानदारों के सत्यापन अभियान में तेजी लाने पर भी बल दिया गया।

    साइबर सुरक्षा एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सोशल मीडिया सेल को संवेदनशील सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा साइबर ऑडिट की नियमित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के उपरांत मण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल श्री एस. राजलिंगम, एडीजी जोन श्री पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को निर्बाध, सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

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