पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का बड़ा कदम, उपनिरीक्षकों की कार्यप्रणाली अब अंक प्रणाली से होगी तय
वाराणसी :- पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी ने जनपद की पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उपनिरीक्षकों के कार्यों की समीक्षा हेतु नई “मार्किंग प्रणाली” लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह निर्णय थाना रोहनियां के निरीक्षण तथा सर्किल रोहनियां के थाना लोहता एवं मंडुवाडीह के अर्दली रूम के दौरान लिया गया।निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना, पुलिस बल की तैनाती और प्रशिक्षण व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अब जनपद के सभी थानों पर तैनात उपनिरीक्षकों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के आधार पर 100 अंकों की मार्किंग प्रणाली से किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत 60 दिनों के भीतर विवेचना निस्तारण और प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध समाधान पर 25-25 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा एनबीडब्ल्यू में गिरफ्तारी, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई तथा विपरीत दिशा में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए 10-10 अंक तय किए गए हैं। वहीं जुआ, सट्टा, वेश्यावृत्ति, अवैध खनन और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई एवं अन्य सराहनीय कार्यों के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्राप्त अंकों के आधार पर उपनिरीक्षकों की रैंकिंग तैयार की जाएगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को चौकी प्रभारी बनाए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने सभी थानों में उपलब्ध पुलिस बल का 50 प्रतिशत हिस्सा दिन के समय प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रखने के निर्देश दिए, ताकि पुलिस विजिबिलिटी बढ़े और जाम, अतिक्रमण तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्रों में 20 प्रतिशत पुलिस बल को लगातार गश्त पर रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग और आकस्मिक निरीक्षण स्वयं उनके द्वारा किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान विवेचना रजिस्टर और SID Creation की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि प्रत्येक मुकदमे में शत-प्रतिशत यूनिक SID अनिवार्य रूप से बनाया जाए तथा कोई भी विवेचना 60 दिनों से अधिक लंबित न रखी जाए।
इसके साथ ही नव नियुक्त आरक्षियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि उन्हें जनसंपर्क, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, बीट ड्यूटी, गश्त और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए। नव आरक्षियों को प्रतिदिन 6 घंटे इनडोर और 6 घंटे आउटडोर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी जारी किए गए।
आधुनिक पुलिसिंग को ध्यान में रखते हुए सीसीटीएनएस, सीडीआर विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज परीक्षण, डीवीआर संचालन, ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली का तकनीकी प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पुलिस कर्मियों को तकनीक आधारित प्रभावी पुलिसिंग के लिए तैयार किया जा सके।
इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त अपराध , पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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