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    नाबालिग दलित छात्रा की जिंदगी से 20 दिन तक खेलते रहे दरींदे

    बंद पड़े मकान में तीन युवकों ने किया सामूहिक रेप
    • पुलिस की भूमिका संदिग्ध, समझौते का दबाव, वीडियो बनाने का भी गंभीर आरोप, परिवार सदमे में
    वाराणसी :- चौबेपुर इलाके में एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 14 वर्षीय नाबालिग दलित छात्रा को 11 मई को स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया गया था। लगभग 20 दिनों तक एक बंद पड़े मकान में कैद रखकर तीन युवकों ने उसके साथ बार-बार सामूहिक दुष्कर्म किया।

    जब परिजनों को सूचना मिली और पुलिस के साथ मिलकर उस बंद मकान को खुलवाया गया तो अंदर से बरामद हुई बच्ची की हालत देखकर सबका कलेजा मुंह को आ गया।

    पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि उसकी बेटी स्कूल गई थी लेकिन घर नहीं लौटी। उसने शुरुआत में ही कुछ युवकों पर संदेह जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। लेकिन पुलिस ने शुरुआती दिनों में शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय पर कार्रवाई होती तो उसकी बेटी को 20 दिनों तक इस नर्क की आग में नहीं जलना पड़ता।

    सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि छात्रा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। उसके अनुसार थाने में जबरन वीडियो बनवाया गया जिसमें उससे कहलवाया गया कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। मां का आरोप है कि बरामदगी के बाद भी पुलिस आरोपियों के साथ समझौता कराने का दबाव बना रही है।
    चौबेपुर थाना प्रभारी ने बताया कि छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और पूरा मामला जांच के अधीन है। लेकिन परिवार के आरोपों ने पूरे इलाके में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    यह घटना न सिर्फ एक परिवार की बर्बादी है बल्कि पूरे समाज की कलंक और व्यवस्था की नाकामी को उजागर करती है। 14 साल की मासूम बच्ची 20 दिनों तक अपराधियों के हवाले रही और पुलिस का रवैया संदिग्ध रहा, यह सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

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