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    पूर्वांचल के आसमान में मानसूनी बादलों की आहट, लेकिन 27 जून तक गर्म हवाओं का कहर बरकरार

    काशी में मानसून अपने तय समय से सप्ताह भर और पिछले साल के मुकाबले 11 दिन की देरी से काशी में पहुंच सकता है। 28 और 29 जून तक बारिश शुरू होने का पूर्वा अनुमान जारी किया गया है। आम तौर पर काशी में मानसून 20 से 23 जून के बीच ही आ जाता है, लेकिन 2018 में 30 जून, 2024 में 25 जून और 2025 में यह 17 जून को ही धमक पड़ा था।
    मौसम विज्ञान विभाग ने सूचित किया है कि इस बार 29 और 30 जून को तेज बारिश हो सकती है। हालांकि अभी तक अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 10 दिनों के बाद बुधवार को मानसून के सक्रिय होते ही घने बादल महाराष्ट्र को पार कर मध्य प्रदेश और बिहार में बारिश कराने लगे।
    दूसरी और आईएमडी के जारी मानसून मैप के मुताबिक, घने बादल पूरे पूर्वांचल को तीन ओर एमपी, बिहार और नेपाल की तरफ से घेरने भी लगे हैं। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक इन दिनों काशी में लू का प्रकोप चल रहा है।
    27 तक लू से राहत नहीं

    डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी के साथ ही पूरा पूर्वी उत्तर प्रदेश लू की चपेट में रहा। 27 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू की स्थितियां बनी रह सकती हैं। 28 जून के बाद स्थितियों बदल सकती हैं और मानसून का असर दिखने लगेगा। तापमान में भी 3-4 डिग्री तक कमी आ सकती है। वहीं 40 किमी प्रति घंटे की चाल से तेज हवा भी बहने का अनुमान है।

    सामान्य से 5.1 डिग्री ज्यादा रहा काशी का पारा

    बुधवार को काशी का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री ज्यादा 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम 25.9 डिग्री सेल्सियस तक चला गया। 15 दिन के बाद रात में इतना कम पारा रहा। मंगलवार के बाद देर रात 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी बहने के साथ तीन मिलीमीटर बारिश भी हुई। जबकि सुबह छह बजते ही तापमान 30 डिग्री से भी ऊपर चला गया और सात बजे करने लगी।

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