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    चेहरा ढंककर BHU पहुंचीं पल्लवी पटेल, NEET विरोध मार्च से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया

    • मोहम्मद रिजवान
    वाराणसी :- अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय नेता एवं सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने पुलिस की कड़ी निगरानी के बावजूद सोमवार को बीएचयू सिंहद्वार पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। नीट पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद पल्लवी पटेल समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
    पार्टी की ओर से नीट परीक्षा, लेखपाल भर्ती, यूपीएसआई सहित विभिन्न भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई और न्यायिक निगरानी में कराने, लेखपाल भर्ती परीक्षा दोबारा आयोजित करने, यूपीएसआई परीक्षा का स्कोरकार्ड तत्काल जारी करने तथा परीक्षा घोटालों में शामिल लोगों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
    बीएचयू सिंहद्वार से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक प्रस्तावित मार्च को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने रविवार से ही पार्टी नेताओं की निगरानी और धरपकड़ शुरू कर दी थी। कई पदाधिकारियों को उनके घरों में ही नजरबंद भी किया गया।
    इस बीच लखनऊ से वाराणसी आ रही पल्लवी पटेल को जौनपुर में पुलिस ने रोक लिया था। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान वह अपनी गाड़ी से उतरकर खेतों के रास्ते निकल गईं और करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद ऑटो-रिक्शा से वाराणसी पहुंच गईं। रात उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता के घर बिताई।
    सोमवार को पुलिस की सख्त घेराबंदी के बावजूद पल्लवी पटेल ने चेहरा दुपट्टे से ढंककर बीएचयू सिंहद्वार तक पहुंचने में सफलता हासिल की। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया और मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद उन्हें तथा अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

    प्रदर्शन के दौरान प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव, राजेश प्रधान, रामशिला पटेल, अजय सिंह और दिलीप पटेल समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने सरकार से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई।

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