‘ईडी का इस्तेमाल विपक्ष पर, आरोपियों पर मेहरबानी’, राम मंदिर मामले में संजय सिंह का आरोप
सबूत मिलने के बाद भी कोई जेल क्यों नहीं भेजा गया?
संजय सिंह ने मामले की गंभीरता को बताते हुए कहा कि इस घोटाले में सारे नाम, तथ्य और पुख्ता प्रमाण सामने आ चुके हैं। यहां तक कि CCTV फुटेज और हिरासत में लिए गए लोगों के बयान भी दर्ज हो चुके हैं और चोरी किए गए माल की बरामदगी भी हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने सारे सबूत होने के बाद भी चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल और टिन्नू जैसे नामजद लोगों को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और उन्हें जेल क्यों नहीं भेजा गया?
थाना अध्यक्ष को भेजी तहरीर, ट्रस्ट खत्म करने की मांग
मामले में कोई कार्रवाई न होती देख संजय सिंह ने खुद कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी तरफ से अयोध्या के थाना अध्यक्ष को चंपत राय और बाकी आरोपियों के खिलाफ एक तहरीर भेजी है। उन्होंने मांग की है कि भगवान के घर में चोरी करने वाले इन बेईमानों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और इन्हें जेल में डाला जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट को तुरंत भंग कर देना चाहिए, क्योंकि ये ट्रस्ट नहीं भ्रष्ट ट्रस्ट हैं।
2021 के जमीन घोटाले का किया जिक्र
संजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर पैसों की यह हेराफेरी आज नई नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2021 में भी उन्होंने सबूतों के साथ खुलासा किया था कि कैसे चंपत राय और उनके साथियों ने 5 करोड़ की जमीन को साढ़े 18 करोड़ रुपये में खरीदकर घोटाला किया था। उस समय के मेयर भी इस खेल में शामिल थे, लेकिन सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। संजय सिंह ने कहा कि अगर 2021 में ही इन चोरों को सजा मिल जाती, तो आज करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ दोबारा यह खिलवाड़ नहीं होता।


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