काशी पहुंचीं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, मार्कंडेय महादेव मंदिर में किया दर्शन-पूजन
वाराणसी :- कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने दर्शन पूजन किया। जागरण संवाददाता, वाराणसी। फिल्म अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा रविवार की दोपहर वाराणसी में कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में दर्शन पूजन करने पहुंचीं।इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन की ओर से विधि विधान से पूजा कराई गई और उन्हें भेंट प्रसाद दिया गया। मंदिर में पहुंचने पर सुनीता आहूजा का स्वागत किया गया और इसके बाद उन्होंने जलाभिषेक कर पूजन किया।जानकारी के अनुसार, सुनीता आहूजा काशी में दर्शन पूजन के लिए आई थीं और उन्होंने काशी के अन्य मंदिरों में भी दर्शन पूजन के साथ विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया। वह शनिवार को मुंबई से वाराणसी के लिए रवाना हुई थीं।सुनीता आहूजा हाल ही में गोविंदा से संबंधों को लेकर अपने बयानों के कारण चर्चा में रही हैं। इसके अलावा, भांजे कृष्ण अभिषेक के शो में भी वह कुछ दिन पूर्व पहुंची थीं और उन्हें आशीर्वाद भी दिया था।
सुनीता आहूजा भले ही फिल्मों से दूर रहती हैं, लेकिन वह हमेशा चर्चा में बनी रहती हैं। उनके इस धार्मिक यात्रा ने एक बार फिर से उन्हें मीडिया की सुर्खियों में ला दिया है। वाराणसी का यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान है। सुनीता आहूजा के दर्शन पूजन से मंदिर में भक्तों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।मंदिर प्रबंधन ने सुनीता आहूजा के आगमन को लेकर विशेष तैयारियां की थीं। उन्होंने पूजा के दौरान सभी धार्मिक विधियों का पालन किया और सुनीता आहूजा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया और वहां के वातावरण का आनंद लिया।
सुनीता आहूजा ने बाबा मार्कण्डेश्वर महादेव के समक्ष परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा देशवासियों के कल्याण की कामना की। मंदिर के मुख्य प्रशासनिक पुजारी मुन्ना गुरु ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका पूजन-अर्चन संपन्न कराया।
पूजन के उपरांत मुन्ना गुरु ने उन्हें श्री मार्कण्डेश्वर महादेव मंदिर के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ मार्कण्डेय महात्म्य की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। दर्शन-पूजन के बाद सुनीता आहूजा ने मंदिर की व्यवस्था और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।





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