वाराणसी में श्रावण मास में श्रद्धालुओं की सुविधा पहली प्राथमिकता, पुलिस आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश
वाराणसी :- आगामी पावन श्रावण मास को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम एवं आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, दर्शन प्रबंधन, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का व्यापक जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावण मास की सभी तैयारियां महाकुंभ स्तर की व्यापकता और दक्षता के अनुरूप पूरी की जाएं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण, सुगम दर्शन और निर्बाध यातायात की सुविधा मिल सके।पुलिस आयुक्त ने स्थानीय नेमी दर्शनार्थियों (काशीवासियों) की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि उन्हें मंदिर के गेट संख्या-4 से जिग-जैग बैरिकेडिंग के माध्यम से नियंत्रित एवं सुव्यवस्थित प्रवेश दिया जाए, जिससे उनके नियमित दर्शन बिना किसी बाधा के हो सकें।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों। सामान्य दिनों में मार्गों को यथासंभव खुला रखा जाए और केवल विशेष पर्वों अथवा अत्यधिक भीड़ वाले अवसरों पर ही अतिरिक्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था लागू की जाए।निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि बाबा श्री काशी विश्वनाथ और गंगा दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर चौक क्षेत्र में सुरक्षित रूप से भ्रमण, खरीदारी तथा स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने के लिए सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थलों को मंदिर क्षेत्र से 500 मीटर से एक किलोमीटर की दूरी के भीतर विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से अधिक दूरी पैदल न चलना पड़े।पुलिस आयुक्त ने मंदिर परिसर के प्रवेश एवं निकास मार्गों का भी निरीक्षण किया और संभावित भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी कतार प्रबंधन तथा आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मोबाइल फोन एवं अन्य सामान जमा कराने और वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
गोदौलिया और मैदागिन मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिग-जैग बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए, जिससे भीड़ नियंत्रण और आवागमन सुचारु बना रहे।
श्रावण मास के दौरान पूरे मंदिर क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं अन्य आधुनिक निगरानी तकनीकों के माध्यम से लगातार नजर रखी जाएगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल और एटीएस की संयुक्त तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त सुरक्षा नम्रता श्रीवास्तव सहित कमिश्नरेट के अन्य राजपत्रित अधिकारी भी उपस्थित रहे।





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