अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रही गंज शाहिद मस्जिद को बड़ी राहत, रेलवे ने नोटिस किया निरस्त
वाराणसी :- काशी रेलवे स्टेशन के समीप स्थित ऐतिहासिक गंज शहीद मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है। रेलवे प्रशासन ने मस्जिद को खाली कराने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से संबंधित पूर्व में जारी नोटिस को वापस लेते हुए नया आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।रेलवे द्वारा 13 जून को मस्जिद परिसर पर एक बेदखली नोटिस चस्पा किया गया था, जिसमें 20 जून तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस के सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और देश-विदेश तक इसकी गूंज सुनाई दी। इसे लेकर विभिन्न संगठनों और लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी थीं।सोमवार को मस्जिद के मुख्य द्वार पर रेलवे प्रशासन की ओर से एक नया पत्र लगाया गया, जिसमें पूर्व में जारी नोटिस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की जानकारी दी गई। पत्र में उल्लेख किया गया कि प्रशासनिक कारणों से पहले जारी बेदखली आदेश को रद्द किया जा रहा है।
दरअसल, काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। रेलवे का दावा है कि स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के निकट स्थित निर्माण विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इसी आधार पर पूर्व में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
हालांकि, नोटिस निरस्त होने के बाद फिलहाल मस्जिद के खिलाफ किसी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई की संभावना समाप्त होती दिखाई दे रही है। मस्जिद की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने रेलवे के इस निर्णय का स्वागत किया है।
कमेटी के संयुक्त सचिव एस.एम. यासीन ने कहा कि गंज शहीद मस्जिद का इतिहास लगभग एक हजार वर्ष पुराना है और इसके अस्तित्व के पर्याप्त ऐतिहासिक एवं कानूनी प्रमाण मौजूद हैं। उनका कहना है कि मस्जिद रेलवे व्यवस्था स्थापित होने से भी पहले की धरोहर है, इसलिए नोटिस वापस लिया जाना न्यायपूर्ण कदम है।




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