दाल के दामों में उछाल, महंगाई ने बिगाड़ा घर का हिसाब-किताब
वाराणसी :- महंगाई का असर अब केवल पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब आम आदमी की थाली भी इसकी चपेट में आती जा रही है। रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाली दालों के दाम लगातार बढ़ने से घर का बजट बिगड़ने लगा है। दाल, जिसे प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है, अब धीरे-धीरे आम परिवारों की पहुंच से दूर होती दिख रही है।
बाजार में अरहर, मसूर, चना और उड़द जैसी प्रमुख दालों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। व्यापारियों का कहना है कि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका, मानसून को लेकर अनिश्चितता और आपूर्ति संबंधी समस्याओं का असर सीधे कीमतों पर पड़ रहा है। आने वाले समय में यदि मानसून सामान्य से कमजोर रहता है तो दालों के दाम में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
महंगाई की इस मार का सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। गृहिणियों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण घर का मासिक बजट संभालना मुश्किल हो गया है। पहले जहां घरों में गाढ़ी दाल बनती थी, अब लोग खर्च कम करने के लिए दाल की मात्रा घटाने को मजबूर हो रहे हैं।
आम लोगों का कहना है कि पहले सब्जियों और गैस की कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ा, अब दालों की महंगाई ने भी परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में रसोई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।

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