वाराणसी में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ परीक्षण
वाराणसी :- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को वाराणसी में राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस अभ्यास का मुख्य आयोजन सामनेघाट पर किया गया, जबकि राजातालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ राहत शिविर संचालन का प्रदर्शन किया गया।मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य संभावित बाढ़ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, संचार व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का परीक्षण करना था।अभ्यास में NDRF, SDRF, पीएसी फ्लड कम्पनी, जल पुलिस, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, नागरिक सुरक्षा संगठन, नगर निगम एवं विद्युत विभाग सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया।
तीन प्रमुख परिदृश्यों का किया गया प्रदर्शनपहले परिदृश्य में गंगा नदी में यात्रियों से भरी नाव के दुर्घटनाग्रस्त होने की काल्पनिक सूचना पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। NDRF, SDRF, जल पुलिस एवं पीएसी की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।दूसरे परिदृश्य में नदी में डूबे व्यक्ति की खोज और निकासी का प्रदर्शन किया गया। आधुनिक सोनार सिस्टम की सहायता से संभावित स्थान की पहचान कर गोताखोरों द्वारा सफल रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया।
तीसरे परिदृश्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही प्रदर्शित की गई। इस दौरान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी गई।
आधुनिक तकनीकों का हुआ उपयोग
मॉक एक्सरसाइज के दौरान सोनार सिस्टम, यू-शेप रिमोट कंट्रोल लाइफ बॉय, ड्रोन निगरानी प्रणाली, वायरलेस संचार तंत्र, मोटर बोट, लाइफ जैकेट और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। ड्रोन के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र की निगरानी तथा कम्युनिकेशन पोस्ट के जरिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का सफल प्रदर्शन किया गया।
अधिकारियों ने बताई तैयारियां
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी आपदा डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि जनपद में बाढ़ प्रबंधन के लिए Incident Response System (IRS) के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। राहत शिविर, भोजन, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति एवं पशुधन संरक्षण के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशासन के साथ-साथ समुदाय की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सदर नितिन सिंह ने विभिन्न विभागों की तैयारियों और संसाधनों की समीक्षा की। वहीं NDRF के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने आपदा के समय त्वरित निर्णय, प्रभावी समन्वय और जनहानि को न्यूनतम करने के उपायों पर जोर दिया।
राजातालाब में लगा बाढ़ राहत शिविर
राजातालाब तहसील में आयोजित राहत शिविर में आश्रय, भोजन, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता, पशु चिकित्सा सहायता, विद्युत व्यवस्था तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से वास्तविक बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने मॉक एक्सरसाइज को सफल एवं उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे अभ्यास नियमित रूप से आयोजित करने पर बल दिया, ताकि आपदा की स्थिति में जनपद की प्रतिक्रिया क्षमता और अधिक सुदृढ़ हो सके।







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