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    Jaspal Rana काशी में अंतिम विदाई, मणिकर्णिका घाट पर होगा अंतिम संस्कार; एयरपोर्ट से निकलेगी शवयात्रा

    मेडल के साथ जसपाल राणा
    भारत के दिग्गज निशानेबाज, अंतरराष्ट्रीय कोच और पद्मश्री सम्मानित Jaspal Rana को शनिवार को वाराणसी में अंतिम विदाई दी जाएगी। उनके निधन की खबर से खेल जगत, खिलाड़ियों और प्रशंसकों में शोक की लहर है। देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले जसपाल राणा का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की तैयारी है।

    भाजपा प्रदेश मंत्री शंकर गिरी के अनुसार, जसपाल राणा का पार्थिव शरीर मसूरी से विमान द्वारा वाराणसी के Lal Bahadur Shastri International Airport, बाबतपुर लाया जाएगा। एयरपोर्ट पर उन्हें श्रद्धांजलि और अंतिम सलामी दी जाएगी। इसके बाद सड़क मार्ग से शवयात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना होगी। छत्ताद्वार से शुरू होने वाली इस यात्रा में परिजन, खिलाड़ी, खेल प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता शामिल होंगे।

    मणिकर्णिका घाट पहुंचने पर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें गारद की सलामी दी जाएगी। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय खिलाड़ी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।

    जसपाल राणा भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते थे। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में कई पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था। खिलाड़ी के साथ-साथ प्रशिक्षक के रूप में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने भारतीय निशानेबाजी की नई पीढ़ी को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई और कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।

    उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था। उनके निधन पर खेल जगत के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है।

    काशी के शूटरों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
    शोक जाहिर करते खेल प्रशंसक
    जसपाल राणा के निधन की सूचना मिलते ही वाराणसी के निशानेबाजों और खेल प्रेमियों में शोक छा गया। कैंटोनमेंट स्थित राइफल शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें याद किया।

    यूपी निशानेबाजी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीप मधोक ने कहा कि जसपाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी को नई दिशा और नई पहचान दी। उनका जाना खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि मनु भाकर सहित कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के करियर को संवारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    श्रद्धांजलि सभा में पंकज श्रीवास्तव, सौरभ पाठक, शशांक त्रिपाठी, पूजा वर्मा, सुमेधा पाठक और सूर्यदीप सिंह सहित अनेक खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके योगदान और उपलब्धियों को याद करते हुए सभी ने उन्हें भारतीय खेल इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया।

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