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    वाराणसी: सिंधौरा थाना प्रभारी लाइन हाजिर, 1060 दिन तक विवेचना लटकाने वाला दरोगा निलंबित; श्रावण और अपराध नियंत्रण पर पुलिस कमिश्नर सख्त

    वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में शुक्रवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, समयबद्ध विवेचना और आगामी श्रावण मास की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान लापरवाही बरतने वाले दो पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। सिंधौरा थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में अपेक्षित कार्रवाई न करने पर थाना प्रभारी ज्ञानेन्द्र कुमार त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि सिगरा थाने के नगर निगम चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पंकज कुमार को सिंधौरा का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

    इसके अलावा विवेचनाओं के निस्तारण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जैतपुरा थाना की सरैयां चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सत्यदेव गुप्ता को निलंबित कर दिया गया। जांच में सामने आया कि उन्होंने पांच मामलों की विवेचना निर्धारित समय सीमा के बाद भी क्रमशः 23, 826, 884, 939 और 1060 दिनों तक लंबित रखी थी।

    बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों की विवेचना 60 दिन और जघन्य अपराधों की विवेचना 90 दिन के भीतर पूरी की जाए। समयसीमा का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने संगठित अपराध, माफिया, साइबर अपराध, गोवध, एनडीपीएस तस्करी और हत्या जैसे गंभीर मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एनएसए और संपत्ति जब्ती जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत दिन-रात सघन चेकिंग अभियान चलाने, पेशेवर अपराधियों पर सतत निगरानी रखने और रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

    *चोरी की घटनाओं को भी गंभीरता से लेने के निर्देश*

    पुलिस आयुक्त ने कहा कि चोरी और नकबजनी की घटनाओं को भी लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों की तरह लिया जाए। प्रत्येक घटना स्थल का एसीपी और थाना प्रभारी स्वयं निरीक्षण करें, टीम गठित करें और 24 घंटे के भीतर घटना के खुलासे का हरसंभव प्रयास करें। बिना नंबर प्लेट वाहन, स्टंटबाजी और तीन सवारी चलने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    *श्रावण मास की तैयारियों पर विशेष जोर*

    आगामी श्रावण मास को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों को कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों का स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और उनके साथ सम्मानजनक एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

    इसके साथ ही सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने, अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने तथा शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए, ताकि आम जनता और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव सहित जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।


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