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    सिर्फ डेढ़ घंटे की बारिश में पानी-पानी हुआ वाराणसी, 29 से अधिक इलाकों में जलभराव; लोगों और दुकानदारों को झेलनी पड़ी परेशानी

    वाराणसी :-
    गुरुवार दोपहर हुई करीब डेढ़ घंटे की तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। बारिश के दौरान और उसके घंटों बाद तक शहर के 29 से अधिक इलाकों में जलभराव बना रहा, जिससे आमजन, राहगीरों, दुकानदारों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
    इंग्लिशिया लाइन क्षेत्र में कई दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानदारों ने सीवर चैंबर के ढक्कन खोलकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन लंबे समय तक जलभराव की समस्या बनी रही। दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई बारिश शाम साढ़े चार बजे तक रुक-रुककर होती रही, जिसके बाद भी कई प्रमुख मार्गों पर पानी जमा रहा।
    महमूरगंज स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने, अंधरापुल, गोदौलिया, गिरजाघर, दशाश्वमेध, लक्सा, गुरुबाग, सोनिया, सिगरा, मंडुवाडीह, सुंदरपुर, लंका, सामनेघाट, रामनगर समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें तालाब जैसी दिखाई दीं। जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित रहा और वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा।कंदवा गेट से भिखारीपुर मार्ग पर जलभराव के चलते स्कूल से लौट रहे बच्चों को पानी से होकर घर जाना पड़ा। वहीं सोनिया कूड़ाघर, माधोपुर और अन्य निचले इलाकों में भी लंबे समय तक पानी जमा रहने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई।

    शहर की कई गलियों, कॉलोनियों, अंडरपास और संपर्क मार्गों पर भी जलभराव देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने तथा ड्रेनेज सिस्टम की कमजोर व्यवस्था के कारण हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बन जाती है। मंडुवाडीह से चांदपुर जाने वाले मार्ग पर भी कई स्थानों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा।

    इस संबंध में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि मानसून को देखते हुए शहर के सभी मैनहोल और जलनिकासी तंत्र को दुरुस्त कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कहीं भी जलनिकासी व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

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