अब्बास अंसारी और निकहत की पेशी से मिली छूट, चित्रकूट जेल प्रकरण में अब 30 जुलाई को होगी सुनवाई
बांदा :- चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत की कथित नियमविरुद्ध मुलाकात से जुड़े मामले में बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान अब्बास अंसारी, निकहत और उनके चालक की ओर से अधिवक्ता ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट (हाजिरी माफी) का आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
सुनवाई के दौरान जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान और शहबाज अदालत में उपस्थित हुए। वहीं कैंटीन संचालक की ओर से दाखिल डिस्चार्ज अर्जी में उन्हें मामले से मुक्त किए जाने की मांग करते हुए खुद को निर्दोष बताया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की है।
यह मामला 10 फरवरी 2023 का है, जब तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने चित्रकूट जेल में संयुक्त छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान निकहत को जेल अधीक्षक के कार्यालय में पाया गया था। जांच में आरोप लगा कि वह निर्धारित नियमों के विपरीत लंबे समय तक जेल परिसर में मौजूद रहीं और विधायक अब्बास अंसारी को जेल के भीतर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं।
इस प्रकरण में कर्वी कोतवाली में अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, चालक न्याज, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, कैंटीन संचालक नवनीत सचान, सपा जिलाध्यक्ष फराज खान समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में आरोप लगाया गया कि जेल अधिकारियों को कथित तौर पर नकदी और उपहार देकर नियमों के विपरीत सुविधाएं हासिल की जाती थीं। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।

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