अमेरिका-ईरान जंग का असर: होरमुज में मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत; 8 घायल, भारत ने जताया कड़ा विरोध
नई दिल्ली :- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी पड़ने लगा है। सोमवार को रणनीतिक रूप से अहम होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यूएई के दो तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य भारतीय घायल हो गए। दोनों जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल के सदस्य तैनात थे।
घटना के बाद भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर भारत की ओर से औपचारिक विरोध दर्ज कराया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों टैंकरों पर करीब 30-30 भारतीय नाविक मौजूद थे। घायल भारतीयों का इलाज कराया जा रहा है और क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन लगातार उनके संपर्क में है। सरकार ने मृतक नाविक के परिजनों को हरसंभव सहायता और आवश्यक सहयोग देने का भरोसा भी दिया है।
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है। होरमुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है।
होरमुज में बढ़ते तनाव के बीच भारत अलर्ट, 24x7 कंट्रोल रूम सक्रिय
होरमुज जलडमरूमध्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। भारतीय नौसेना और संबंधित एजेंसियां क्षेत्र की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल फारस की खाड़ी में भारत के झंडे वाले सात जहाज संचालित हो रहे हैं, जिन पर 148 भारतीय नाविक सवार हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सात जहाजों में तीन कंटेनर शिप, एक क्रूड ऑयल टैंकर, एक ऑयल एवं केमिकल टैंकर, एक बल्क कैरियर और एक ड्रेजर शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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