पुलिस को गुमराह करने की कोशिश नाकाम, रेलवे कर्मचारी की फर्जी लूट की साजिश बेनकाब
वाराणसी :- सिगरा थाना क्षेत्र में रेलवे कर्मचारी द्वारा 2.10 लाख रुपये की लूट की झूठी कहानी गढ़ने का मामला सामने आया है। पुलिस की गहन जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद पूरे प्रकरण का खुलासा हो गया। पूछताछ में कर्मचारी ने स्वीकार किया कि उसने कर्जदाताओं से बचने के लिए फर्जी लूट की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, रेलवे कर्मचारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को सूचना दी थी कि वह अपनी बुलेट बाइक से 2.10 लाख रुपये बैंक में जमा कराने जा रहा था। इसी दौरान लोको कॉलोनी के पास प्लैटिना बाइक पर आए तीन युवकों ने उस पर चाकू से हमला कर नकदी लूट ली। घटना की सूचना उसने डायल-112 और सिगरा थाने को भी दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिगरा पुलिस, वरिष्ठ अधिकारियों और एसओजी टीम ने मौके का निरीक्षण किया। आसपास लगे निजी सीसीटीवी कैमरों और त्रिनेत्र नेटवर्क की फुटेज खंगाली गई। साथ ही अमित और उसके परिजनों से भी अलग-अलग पूछताछ की गई।
जांच के दौरान पुलिस को कर्मचारी के बयान और सीसीटीवी फुटेज में कई विरोधाभास मिले। संदेह गहराने पर जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। आरोपी ने बताया कि उसने कई लोगों से उधार लिया हुआ था और कर्ज लौटाने से बचने के लिए लूट की मनगढ़ंत कहानी बनाई थी। उसे उम्मीद थी कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोग उससे रुपये की मांग करना बंद कर देंगे।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि पुलिस ने हर पहलू की बारीकी से जांच की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर फर्जी लूट की कहानी का पर्दाफाश किया गया। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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