उर्स-ए-मखदूम अशरफ का सबसे अहम दिन: लाखों जायरीन ने की अंतिम ज़ियारत, बिजली कटौती बनी बड़ी परेशानी
अम्बेडकरनगर (किछौछा)। हज़रत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह के 640वें उर्स-ए-मखदूम अशरफ के सबसे महत्वपूर्ण दिन मंगलवार (28 मोहर्रम) को किछौछा शरीफ में आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों जायरीन ने ख़िरका-ए-मुबारक की अंतिम ज़ियारत कर रूहानी फ़ैज़ हासिल किया। हालांकि, इस दौरान भीषण गर्मी और घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली की लगातार ट्रिपिंग को लेकर जायरीन में नाराज़गी और आक्रोश भी देखने को मिला।उर्स की सबसे अहम रस्म के तहत आस्ताना-ए-मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के सज्जादानशीन मौलाना सैय्यद शाह मोहिउद्दीन अशरफ ने पवित्र ख़िरका-ए-मुबारक धारण कर सहन-ए-आस्ताना में अंतिम ज़ियारत कराई। इस दौरान "लब्बैक या मखदूम अशरफ" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा और जायरीन ने भाव-विभोर होकर दीदार किया।ज़ियारत के बाद सैय्यद मोहामिद अशरफ उर्फ़ शारिक मियां ने देश में अमन-चैन, खुशहाली, भाईचारे, बनारस के कारोबारियों की तरक्की तथा उर्स में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे पुलिस-प्रशासन के लिए विशेष दुआ कराई।मंत्रियों ने की चादरपोशी, मांगी देश की तरक्की की दुआउर्स के अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री जमा खान और उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने दरगाह पर चादरपोशी कर देश की तरक्की, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी। उनके साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद भी मौजूद रहे।
ख़िरका-ए-मुबारक का ऐतिहासिक महत्वधार्मिक मान्यता के अनुसार यह पवित्र ख़िरका-ए-मुबारक हज़रत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी को उनके पीर हज़रत अलाउलहक पंडवी ने बतौर तोहफा अता किया था। हर वर्ष उर्स के दौरान इसका दीदार केवल 27 और 28 मोहर्रम को कराया जाता है। 28 मोहर्रम को अंतिम ज़ियारत के साथ इस वर्ष की रस्म संपन्न हुई।
बिजली संकट ने बिगाड़ा श्रद्धालुओं का अनुभव
एक ओर जहां लाखों लोग इबादत और ज़ियारत में मशगूल रहे, वहीं दूसरी ओर दरगाह क्षेत्र में घंटों बिजली गुल रहने से श्रद्धालुओं को उमस और गर्मी के बीच भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी ईशा प्रिया द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहा। लगातार ट्रिपिंग और कटौती के कारण लोगों में नाराज़गी साफ़ दिखाई दी और उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र सीओ सिटी नीतीश कुमार और बसखारी थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पूरे समय मुस्तैद रहे। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतज़ाम किए थे।
इस अवसर पर सैय्यद फ़ैज़ान अहमद एडवोकेट (चांद मियां), सैय्यद मेराज अशरफ एडवोकेट, मौलाना सैय्यद अज़ीज़ अशरफ, सैय्यद खलीक अशरफ, सैय्यद फहद अशरफ, सैय्यद सेराज अशरफ, मलंग सज्जादानशीन मोहम्मद आलम शाह, गफूर शाह, इमरान गांधी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।






बहुत शानदार
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