राम मंदिर मुद्दे पर संसद में विपक्ष के प्रदर्शन पर भड़के केशव मौर्य, बोले- 'भगवान राम और संत समाज का हुआ अपमान'
नई दिल्ली :- संसद के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद परिसर में किया गया प्रदर्शन भारतीय संस्कृति, भगवान श्रीराम और संत समाज का अपमान है।
'राजनीति के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण'
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संसद परिसर में जिस तरह धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर विरोध दर्ज कराया गया, वह बेहद आपत्तिजनक है। उनके अनुसार, राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह का प्रदर्शन भारतीय परंपराओं और आस्था का अनादर है। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को "राम विरोधी" बताते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए भी इन दलों ने भारतीय संस्कृति का सम्मान नहीं किया।
साधु वेशभूषा पर भी जताई नाराजगी
डिप्टी सीएम ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा साधु के वेश में किए गए प्रदर्शन पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भगवा वस्त्र करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक हैं और इस तरह उनका राजनीतिक मंच पर इस्तेमाल साधु-संतों तथा मंदिरों में सेवा करने वाले पुजारियों का अपमान है।
'चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर हो चुकी है कार्रवाई'
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले पर मौर्य ने कहा कि घटना सामने आते ही सरकार और संबंधित प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और जांच प्रक्रिया जारी है। उनके अनुसार, विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।
क्या था विपक्ष का प्रदर्शन?
शुक्रवार को संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में दानपेटी लेकर बैठे, जबकि विपक्ष के कई सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से उसमें चढ़ावा डाला। प्रदर्शन के दौरान दानपेटी से पैसे निकालने और फिर अन्य सांसदों द्वारा उन्हें रोकने का नाटकीय प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के कई सांसद मौजूद रहे।
हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित
संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की, लेकिन गतिरोध समाप्त नहीं हो सका।

No comments