श्रावण मास की तैयारियों का जायजा लेने सड़क पर उतरे पुलिस कमिश्नर और डीएम, कांवड़ियों की सुरक्षा व सुगम यातायात के लिए दिए अहम निर्देश
वाराणसी, 23 जुलाई 2026 :- आगामी श्रावण मास एवं Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल तथा जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने गुरुवार को गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पैदल भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रावण मास में आने वाले लाखों शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन और आवागमन उपलब्ध कराया जाए।निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने कहा कि श्रावण सोमवार, शिवरात्रि और अन्य प्रमुख अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे शहर को 05 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान 05 आईपीएस अधिकारियों, 50 राजपत्रित अधिकारियों तथा लगभग 5000 पुलिसकर्मियों के हाथों में होगी, ताकि प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग की जाएगी तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करेंगे।पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर के लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र की निगरानी पहले से ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। श्रावण मास के दौरान 'त्रिनेत्र' प्रणाली के जरिए प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की 24 घंटे हाईटेक मॉनिटरिंग की जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और रेलवे स्टेशन स्थित कंट्रोल रूम से भी लगातार निगरानी रखी जाएगी।गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। साथ ही गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए डीप वाटर बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था रहेगी, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन विशेष रूप से कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी। यात्रा मार्ग पर अस्थायी पुलिस बूथ, विश्राम स्थल, चिकित्सा सहायता केंद्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक चार किलोमीटर पर पीआरवी अथवा फैंटम टीम तैनात रहेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे का संचालन केवल माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जाएगा। डीजे की ऊंचाई और स्वरूप भी सुरक्षा मानकों के अनुसार रहेगा, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा निर्बाध यातायात को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरि मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त यातायात अनिल कुमार यादव, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त यातायात अंशुमान मिश्रा, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी, संबंधित टीआई, थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।




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