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    यूपी-112 की समीक्षा बैठक: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का बड़ा संदेश, हर PRV बने 'चलता-फिरता सहायता केंद्र'

    वाराणसी :- पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में यूपी-112 के पुलिसकर्मियों के साथ समीक्षा बैठक कर सेवा गुणवत्ता, रिस्पॉन्स टाइम और जनसंतुष्टि की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूपी-112 की प्रत्येक पीआरवी (PRV) को 'चलता-फिरता सहायता केंद्र' के रूप में कार्य करना चाहिए, जहां आम नागरिकों को त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा मिले।
    पुलिस आयुक्त ने बताया कि उनके नेतृत्व और लगातार मॉनीटरिंग के चलते कमिश्नरेट वाराणसी की यूपी-112 प्रदेश में लगातार शीर्ष स्थान पर बनी हुई है। वर्तमान में यूपी-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम 5 मिनट 26 सेकेंड और जनसंतुष्टि स्तर 94 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जिस पर उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों की सराहना की।
    उन्होंने कहा कि यूपी-112 आज पूरे देश में आपातकालीन पुलिस सेवा का एक आदर्श मॉडल बन चुकी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 में यूपी-112 के प्रथम चरण तथा 2021 में द्वितीय चरण के दौरान वह इसकी वर्किंग एवं टेक्निकल कमेटी के सदस्य रहे हैं और इसकी तकनीकी व्यवस्था के विकास से जुड़े रहे हैं।

    पुलिसकर्मियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश

    बैठक में पुलिस आयुक्त ने सभी पीआरवी कर्मियों को निर्देशित किया कि वे फर्स्ट रिस्पांडर की भूमिका निभाते हुए प्रत्येक घटना पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि वर्दी, बॉडी लैंग्वेज, व्यवहार और आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़े।

    ड्यूटी प्वाइंट पर मौजूद पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि यदि कहीं यातायात जाम, संदिग्ध गतिविधि या किसी आपराधिक घटना की जानकारी मिले तो संबंधित थाने को तुरंत सूचित करते हुए सक्रिय भूमिका निभाएं।

    बेहतरीन प्रदर्शन पर मिलेगा सम्मान

    पुलिस आयुक्त ने घोषणा की कि जनपद की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पीआरवी टीम को हर महीने एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर परिस्थिति में रिस्पॉन्स टाइम 9 मिनट के भीतर सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कॉल पर 10 मिनट से अधिक की देरी होती है तो संबंधित कर्मियों की समीक्षा, काउंसलिंग और आवश्यकता पड़ने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

    इन टीमों की हुई सराहना और समीक्षा

    बैठक में थाना चितईपुर की पीआरवी-0612 को उत्कृष्ट कॉलर संतुष्टि के लिए विशेष रूप से सराहा गया, जबकि थाना मिर्जामुराद की पीआरवी-0615 की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

    बैठक में पुलिस उपायुक्त गोमती ज़ोन एवं यूपी-112 प्रभारी नीतू सहित यूपी-112 के अधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।


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