वाराणसी में अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में किया प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
वाराणसी :- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को वाराणसी जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय परिसर में अधिवक्ताओं और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा।धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। उनका आरोप था कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ पुलिस का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं था। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में नियमित मेडिकल परीक्षण कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनमोहन गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है। उनका कहना था कि आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई कि छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा की जाए तथा शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकार व आंदोलनकारियों के बीच सकारात्मक संवाद शुरू कराने की भी मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा।

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