Johar University Action: जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर अजय राय का भाजपा सरकार पर निशाना, बोले- असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश
लखनऊ/रामपुर :- उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े अहम सवालों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दों को प्रमुखता दे रही है।
अजय राय ने कहा कि प्रदेश में राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा, चंदा और जमीन विवाद सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन सरकार इन पर जवाब देने के बजाय अन्य विवादों को सामने ला रही है। उनके मुताबिक, कभी जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई होती है तो कभी विश्वविद्यालयों में खान-पान जैसे मुद्दों को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश और देश में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, गौवंश और कानून-व्यवस्था जैसे कई गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन सरकार इन पर ठोस कदम उठाने के बजाय राजनीतिक बहस को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस समाज को धार्मिक आधार पर बांटने की राजनीति कर रहे हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी पर क्यों हुई कार्रवाई?
अजय राय का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राधिकरण के अनुसार, रामपुर सदर तहसील के सिंगनखेड़ा गांव स्थित जौहर यूनिवर्सिटी वर्ष 2024 में आरडीए के अधिकार क्षेत्र में शामिल हुई थी। इसके बाद परिसर में निर्मित भवनों के स्वीकृत नक्शों और निर्माण संबंधी अभिलेखों की जांच की गई।
जांच के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए और कई नोटिस भी जारी किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद प्राधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि परिसर में मौजूद 40 भवनों में से केवल दो भवनों के नक्शे स्वीकृत हैं, जबकि शेष 38 भवन बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए गए हैं।
15 दिन में कार्रवाई का निर्देश
रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को 15 दिन के भीतर संबंधित भवनों को स्वयं हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर प्राधिकरण नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने भी कहा है कि जांच में अधिकांश निर्माण बिना अनुमति और बिना स्वीकृत मानचित्र के पाए गए हैं। इसी आधार पर विकास प्राधिकरण ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

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