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    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर केंद्र सतर्क: PM मोदी ने बुलाई CCS की चौथी बैठक, ऊर्जा, खाद और भारतीयों की सुरक्षा पर बड़ा मंथन

    नई दिल्ली, 31 जुलाई :-
    पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की चौथी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का व्यापक आकलन किया गया और भारत की ऊर्जा सुरक्षा, खाद आपूर्ति तथा विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई।

    बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि देश में कच्चे तेल, एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है। सरकार ने पहले से ही आयात के विभिन्न स्रोत विकसित किए हैं, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही सरकारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से अधिक उत्पादन कर रही हैं, जिससे पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

    रबी सीजन को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता भी बैठक का अहम विषय रही। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक देशों से उर्वरकों के आयात और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने की योजना पर जोर दिया गया।

    बैठक में खाड़ी और पश्चिम एशिया के अन्य देशों में रह रहे एक करोड़ से अधिक भारतीय नागरिकों तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक प्रभावी और समन्वित निगरानी तंत्र पूरी तरह सक्रिय रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीयों को तुरंत सहायता और सुरक्षित निकासी उपलब्ध कराई जा सके।

    दीर्घकालिक रणनीति पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया। उन्होंने सौर ऊर्जा समेत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि भारत को वैश्विक संकटों के दौरान विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी और स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को तेजी से बढ़ावा देना होगा।

    बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति से भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक और रणनीतिक प्रभावों की भी समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित मंत्रालयों को हालात पर लगातार नजर बनाए रखने और आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए।

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