94 वर्षों की परंपरा निभाते हुए 40 हजार यदुवंशियों ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक, विश्व शांति की मांगी कामना
वाराणसी :- सावन के प्रथम सोमवार पर यदुवंशी समाज ने अपनी 94 वर्षों पुरानी सामूहिक जलाभिषेक की परंपरा को श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया। चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के तत्वावधान में निकली लगभग 11 किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा में 40 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने बाबा श्री काशी विश्वनाथ सहित काशी के 10 प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।शोभायात्रा का शुभारंभ श्री गौरी केदारेश्वर महादेव मंदिर से हुआ, जो पारंपरिक मार्गों से होते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंची। मंदिर प्रशासन की विशेष व्यवस्था के तहत 21 श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में विधि-विधान से जलाभिषेक किया, जबकि अन्य श्रद्धालुओं ने बाहर से ही जल अर्पित कर बाबा के दर्शन-पूजन किए।इसके बाद श्रद्धालुओं ने महामृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओम कालेश्वर महादेव, लाटभैरव समेत काशी के 10 प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक किया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा, आरती और फलाहार के माध्यम से श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव ने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 1932 में भीषण अकाल के दौरान समाज की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की भावना से की गई थी। तब से लेकर आज तक यह धार्मिक परंपरा निरंतर श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई जा रही है।


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