झारखंड के छात्र आंदोलन की गूंज काशी तक पहुंची, BHU में छात्रों ने रखा उपवास; सरकार को कार्रवाई की चेतावनी
वाराणसी :- झारखंड में परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मामला अब काशी तक पहुंच गया है। झारखंड के प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों ने बुधवार को एक दिवसीय उपवास रखा। छात्र चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के पास सुबह से उपवास पर बैठे और झारखंड सरकार से मामले में कार्रवाई की मांग की।
BHU के छात्रों ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छात्रों ने कथित लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
छात्रों ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की
उपवास में शामिल छात्र अभिषेक सिंह ने कहा कि देश में युवाओं को भविष्य की ताकत बताया जाता है और विकसित भारत के लक्ष्य में उनकी भागीदारी की बात की जाती है। ऐसे में जब युवा अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं, तो उनकी बात सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अभिषेक सिंह ने केंद्र सरकार से भी पूरे मामले में हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट कराने और छात्रों की शिकायतों का समाधान कराने की मांग की।
आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से छात्रों का इनकार
BHU छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उपवास किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में आयोजित नहीं किया गया है। उनका उद्देश्य केवल झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता जताना और उनकी मांगों के समर्थन में आवाज उठाना है।
छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कानून-व्यवस्था के लिए खतरा मानने के बजाय सरकार को संवाद के जरिए समस्या का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस कार्रवाई की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
BHU के प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि यदि झारखंड सरकार छात्रों की शिकायतों पर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की अपील की जाएगी। छात्रों ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र संगठनों को एकजुट कर सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
परीक्षा को लेकर क्यों शुरू हुआ आंदोलन?
झारखंड में छात्र संगठनों की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताया जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्र जेपीएससी की 14वीं परीक्षा को रद्द करने, जेएसएससी से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच कराने और पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने जैसी मांगें उठा रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का सीधा असर अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है। इसी मुद्दे को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का आरोप सामने आया, जिसके बाद मामला झारखंड से बाहर भी चर्चा में आ गया। BHU के छात्रों ने इसी के विरोध में उपवास कर आंदोलनरत छात्रों के प्रति समर्थन जताया।

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