‘भाजपा-कांग्रेस एक ही सिक्के के पहलू’, आकाश आनंद ने योगी सरकार पर बोला हमला; कानून व्यवस्था से लेकर आरक्षण तक उठाए सवाल
आकाश आनंद ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस और एनकाउंटर की राजनीति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस व्यवस्था की आड़ में लोगों पर दबाव बना रही है। उनका दावा था कि भाजपा शासन में गरीब, दलित, पिछड़े वर्ग और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
बसपा नेता ने बुलडोजर कार्रवाई, सरकारी स्कूलों की स्थिति और विभिन्न सरकारी योजनाओं की लागत को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जनता को सरकार के कार्यकाल का पूरा हिसाब मांगना चाहिए।
कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना
आकाश आनंद ने कांग्रेस को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस नेता जनता के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की नीतियों में समानता का आरोप लगाते हुए दोनों को ‘एक ही सिक्के के दो पहलू’ बताया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए आनंद ने संविधान और कांग्रेस की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान की बात तो करती है, लेकिन उसके राजनीतिक दावों और वास्तविक नीतियों में अंतर दिखाई देता है।
अखिलेश यादव के PDA पर कसा तंज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले को लेकर भी आकाश आनंद ने कटाक्ष किया। उन्होंने अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर संबोधित करते हुए दावा किया कि सपा की राजनीति में PDA की व्याख्या लगातार बदलती रहती है।
आकाश आनंद ने कहा कि चुनावी राजनीति में सिर्फ नारे और दावे काफी नहीं हैं, बल्कि जनता के वास्तविक मुद्दों पर काम करना जरूरी है।
आरक्षण और पेपर लीक का मुद्दा उठाया
जनसभा में आकाश आनंद ने आरक्षण, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने युवाओं और वंचित वर्गों से जुड़े सवालों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
इसके अलावा उन्होंने निर्माण परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करने और मुद्दों के आधार पर फैसला लेने की अपील की।
आकाश आनंद के इस दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी जनसभा में प्रदेश की कानून व्यवस्था के साथ-साथ भाजपा, कांग्रेस और सपा की राजनीति पर किए गए हमले चर्चा का प्रमुख विषय रहे।

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