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    वाराणसी: वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर क्राइम मीटिंग, डीसीपी ने दिए सख्त दिशा-निर्देश

    वाराणसी :- पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में सोमवार को पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन की अध्यक्षता में अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा को लेकर क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में वरुणा जोन के सभी सहायक पुलिस आयुक्त, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान क्षेत्र में अपराध की स्थिति, लंबित विवेचनाओं, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।
    बैठक में पुलिस उपायुक्त ने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर सतर्क नजर रखी जाए और अपराधियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। वांछित, वारंटी और पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

    लंबित विवेचनाओं के निस्तारण पर जोर

    डीसीपी ने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की विवेचना निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाए। निर्धारित 60/90 दिवस की समयसीमा के भीतर विवेचनाओं का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अनावश्यक रूप से किसी भी विवेचना को लंबित न रखा जाए और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें।

    ई-साक्ष्य और ई-समन का प्रभावी इस्तेमाल

    विवेचनाओं में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित एवं विधिक तरीके से संकलन और संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों को ई-साक्ष्य का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यायालयों से प्राप्त समन और नोटिस की समयबद्ध तामील के लिए ई-समन व्यवस्था का शत-प्रतिशत उपयोग करने को कहा गया।

    नशे के कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश

    मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ उनके स्रोत और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाकर इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    संदिग्धों पर नजर, निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश

    अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करने को कहा गया। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ धारा 111 बीएनएसएस के तहत नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

    गंभीर अपराधों वाले क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी

    हत्या, लूट, चोरी, वाहन चोरी और नकबजनी जैसे गंभीर अपराधों की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष गश्त और चेकिंग कराने के निर्देश दिए गए। बीट पुलिसिंग को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। बीट आरक्षियों और हल्का प्रभारियों को लगातार अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों की जानकारी जुटाने को कहा गया।

    महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता

    महिला एवं बाल अपराधों में तत्काल और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बाजारों, सार्वजनिक स्थानों तथा स्कूल-कॉलेज के आसपास प्रभावी पुलिस उपस्थिति बनाए रखने और महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।

    फरियादियों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण

    पुलिस उपायुक्त ने थानों पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि जनशिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाए।

    रात्रि गश्त और चेकिंग बढ़ाने के निर्देश

    अपराध नियंत्रण के लिए रात्रि गश्त, पैदल गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि अपराध की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

    आगामी त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता

    आगामी त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, लगातार भ्रमण और प्रभावी गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता के साथ काम करने को कहा गया।

    बैठक के अंत में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास की भावना को और मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।


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