बीएचयू में डॉग अटैक: चार दिन बाद घायल बच्चे से मिलने पहुंचीं प्रो. श्रद्धा सिंह, परिवार से जताया खेद
वाराणसी :- बीएचयू की जोधपुर कॉलोनी में 11 वर्षीय बच्चे पर पालतू कुत्ते के हमले के मामले में रविवार को हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह घायल बच्चे से मिलने ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। घटना के चार दिन बाद अस्पताल पहुंचीं प्रोफेसर ने बच्चे अभिनव और उसके माता-पिता से मुलाकात की तथा घटना को लेकर खेद जताते हुए माफी मांगी। उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और आगे कुत्ता न रखने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कुत्ते के टीकाकरण से संबंधित दस्तावेज भी परिवार को दिखाए।बताया गया कि 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर प्रेमाराम अपने दोनों बेटों के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान परिवार से कुछ दूरी पर चल रहे 11 वर्षीय अभिनव पर पालतू कुत्ते ने हमला कर दिया। आरोप है कि कुत्ते ने बच्चे को कई मिनट तक जकड़े रखा, जिससे उसके चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं।घटना के बाद राहगीर की मदद से बच्चे को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। चिकित्सकों ने सर्जरी कर उसके चेहरे और सिर की चोटों का उपचार किया। परिजनों के मुताबिक बच्चे को करीब 50 टांके लगाए गए हैं। चार दिनों से अस्पताल में भर्ती अभिनव की हालत में कुछ सुधार बताया जा रहा है, हालांकि वह अभी ठीक से बोल नहीं पा रहा है। चेहरे पर सूजन बनी हुई है और घटना का मानसिक असर भी उस पर है।
रविवार को बच्चे से मुलाकात के दौरान उसकी मां ने प्रो. श्रद्धा सिंह से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि यदि ऐसी घटना उनके अपने बच्चे के साथ होती तो उनकी प्रतिक्रिया क्या होती। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि घायल बच्चे से मिलने में चार दिन क्यों लगे।वहीं, बच्चे के पिता प्रेमाराम ने इस मामले की शिकायत बीएचयू के कुलपति और चीफ प्रॉक्टर से की है। उनका आरोप है कि संबंधित कुत्ता इससे पहले भी लोगों पर हमला कर चुका है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कराने की मांग की है।
घटना के बाद अब परिवार की ओर से कुत्ते के व्यवहार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। मामला बीएचयू परिसर से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच और आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।




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