ईद मिलाद-उन-नबी पर रोशनी से जगमगाई काशी, मुस्लिम इलाकों में गूंजे नातिया कलाम
वाराणसी :- पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.) की यौमे पैदाइश के मौके पर मंगलवार की शाम काशी के मुस्लिम बहुल इलाकों में ईद मिलाद-उन-नबी का जश्न देखने को मिला। शहर के कई इलाकों में घरों, मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को आकर्षक रोशनी व सजावट से सजाया गया। बारिश के बीच भी अकीदतमंदों का उत्साह कम नहीं हुआ और देर रात तक नातिया कलाम, तकरीर और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।ईद मिलाद-उन-नबी को पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) की पैदाइश की खुशी के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग इबादत करते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और गरीबों व जरूरतमंदों की मदद करते हैं। कई स्थानों पर जलसे और जुलूस भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें पैगंबर की सीरत और उनके संदेश पर रोशनी डाली जाती है।मक्का में हुई पैगंबर की पैदाइशइस्लामी परंपरा के अनुसार हजरत मोहम्मद (स.) की पैदाइश मक्का मुकर्रमा में हुई थी। उनके पिता हजरत अब्दुल्लाह का इंतकाल उनके जन्म से पहले ही हो गया था, जबकि बचपन में उनकी माता बीबी आमिना का भी निधन हो गया। इसके बाद उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी उनके दादा अब्दुल मुत्तलिब और फिर चाचा अबू तालिब ने संभाली।
बाद में हजरत मोहम्मद (स.) को अल्लाह की ओर से पैगंबरी प्रदान हुई और उन पर पवित्र कुरान का अवतरण हुआ। उन्होंने इंसानियत, अमन, भाईचारे, न्याय और नेक जिंदगी का संदेश दुनिया तक पहुंचाया। इसी वजह से ईद मिलाद-उन-नबी को मुस्लिम समुदाय में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।
अर्दली बाजार में देर रात तक गूंजे नातिया कलाम
ईद मिलाद-उन-नबी की पूर्व संध्या पर अर्दली बाजार मुख्य मार्ग पर विशेष सजावट देखने को मिली। रोशनी से सजे इलाके में देर रात तक नातिया कलाम पेश किए गए। शायरों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) की शान में कलाम पेश किए, जबकि उलेमा ने तकरीर के जरिए उनकी सीरत और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। बारिश के बावजूद कार्यक्रम में अकीदतमंदों की मौजूदगी बनी रही।बेनियाबाग से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदीमरकजी यौमुन्नबी कमेटी की ओर से भी ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर जुलूस निकाला गया। जुलूस बेनियाबाग के पूर्वी छोर स्थित हड़हा मैदान से शुरू होकर सराय हड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, मस्जिद खुदा बख्श, कुरैशबाग मस्जिद और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान मार्ग से होते हुए भीखा शाह गेट पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।जुलूस के दौरान नातिया कलाम और धार्मिक नारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन की व्यवस्था में शकील अहमद बबलू, महमूद खां, रेयाज अहमद, इमरान अहमद और दिलशाद अहमद समेत अन्य लोग जुटे रहे।रोशनी से नहाए मुस्लिम इलाके
ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर वाराणसी के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में आकर्षक विद्युत सजावट की गई। अर्दली बाजार, पक्की बाजार, मकबूल आलम रोड, नदेसर, लल्लापुरा, हबीबपुरा, नई सड़क, दालमंडी, सराय हड़हा, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, शक्कर तालाब, जलालीपुरा, कोयला बाजार, पीली कोठी और बड़ी बाजार समेत कई इलाकों में रंग-बिरंगी रोशनी ने रात के माहौल को खास बना दिया।बारिश के बीच सजी गलियों और बाजारों में लोगों की चहल-पहल रही। मस्जिदों और घरों पर की गई सजावट आकर्षण का केंद्र बनी रही। पूरे इलाके में ईद मिलाद-उन-नबी की खुशी, आपसी भाईचारे और धार्मिक उल्लास का माहौल नजर आया।
- मोहम्मद रिजवान



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