• Breaking News

    चीनी क्यों हुई कड़वी, देश में कितना है स्टॉक? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

    नई दिल्ली :- चीनी के भाव में उछाल की सबसे बड़ी वजह जमाखोरों और कारोबारियों की सट्टेबाजी वाली खरीद है। गन्ने की फसल पर मौसम, बीमारी और बारिश के असर को देखते हुए कारोबारियों को आगे बाजार में तंगी की आशंका हुई। उन्होंने डेढ़-दो महीने की जरूरत की चीनी पहले ही खरीदकर गोदामों में रोक ली।

    इससे देश में पर्याप्त चीनी होने के बावजूद बाजार में उपलब्धता कम दिखी और कीमतें तेजी से बढ़ गईं। हालांकि सरकार की सख्ती और अतिरिक्त आपूर्ति के इंतजाम से अब कीमतों में नरमी के संकेत मिलने लगे हैं।

    केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी और चीनी उद्योग के शीर्ष संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने दावा किया है कि सरकार की पहल का असर बाजार में दिखने लगा है।

    क्यों बढ़े चीनी के दाम?

    जोशी ने कहा है कि देश में पर्याप्त चीनी है। सालाना करीब 280 लाख टन की घरेलू जरूरत के मुकाबले 306 लाख टन चीनी उपलब्ध है। सरकार पर्याप्त स्टाक बाजार में जारी करेगी और जमाखोरी और कृत्रिम तरीके से कीमत बढ़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    इस्मा के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के अनुसार पेराई सत्र की शुरुआत में ही गन्ने की उपलब्धता, खराब मौसम, रेड राट बीमारी और रिकवरी रेट में बदलाव से उत्पादन के शुरुआती अनुमान पर दबाव दिखने लगा था।

    इसके साथ त्योहारी मांग और वैश्विक बाजार में तेजी की खबरों ने कारोबारियों को पहले से खरीद बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इससे बाजार में सट्टेबाजी और तेज हो गई।


    No comments

    Post Top Ad

    Post Bottom Ad