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    वाराणसी में बाढ़ का बढ़ा खतरा, गंगा चेतावनी बिंदु के करीब; CP- DM ने नाव से लिया जायजा..

    • शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज, सराय मोहना से कोनिया और ढेलवरिया तक संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी; अधिकारियों को ‘जीरो रिस्पॉन्स टाइम’ पर काम करने के निर्देश...
    वाराणसी :- गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर ने वाराणसी में बाढ़ की आशंका बढ़ा दी है। गुरुवार शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से करीब 1.91 मीटर नीचे है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में निगरानी तथा राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
    पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से गंगा और वरुणा के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जल पुलिस और एनडीआरएफ की नाव से नमो घाट से लेकर सराय मोहना तक स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    नमो घाट से सराय मोहना तक नाव से निरीक्षण

    निरीक्षण के दौरान अधिकारी नमो घाट से आगे बढ़ते हुए आदिकेशव घाट, सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहना सहित कई संवेदनशील व निचले इलाकों में पहुंचे। गंगा-वरुणा संगम क्षेत्र और तटीय आबादी में जलस्तर तथा बाढ़ की संभावित स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया।

    हर बदलाव की तत्काल सूचना देने के निर्देश

    जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गंगा और वरुणा के जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की लगातार निगरानी करने तथा उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ राहत शिविरों में पेयजल, प्रकाश, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा।

    तटीय इलाकों में घर-घर जागरूकता

    वरुणा नदी के किनारे बसे आबादी वाले क्षेत्रों में डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार सदर और संबंधित विभागीय टीमों को लोगों को सुरक्षित निकासी मार्ग, बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों की जानकारी देने को कहा गया।

    ‘जीरो रिस्पॉन्स टाइम’ पर काम करे आपदा प्रबंधन टीम

    पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव टीमों को ‘जीरो रिस्पॉन्स टाइम’ की भावना के साथ काम करने के निर्देश दिए। तटीय क्षेत्रों में पुलिस और जल पुलिस की गश्त बढ़ाने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

    अफवाहों से बचने की अपील

    प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। बाढ़ से संबंधित जानकारी के लिए केवल प्रशासन और अधिकृत विभागों की ओर से जारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

    गंगा का जलस्तर एक नजर में

    • -वर्तमान जलस्तर: 68.35 मीटर
    • चेतावनी बिंदु: 70.262 मीटर
    • खतरे का निशान: 71.262 मीटर
    • सर्वोच्च बाढ़ स्तर (HFL-1978): 73.901 मीटर

    निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता, तहसीलदार सदर, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट, जल पुलिस सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


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