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    Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी का बड़ा संदेश, उपलब्धियों का ब्योरा और भविष्य का रोडमैप

    नई दिल्ली :- देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन करते हुए भारत की अब तक की विकास यात्रा, आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों और आने वाले वर्षों के बड़े लक्ष्यों का उल्लेख किया।
    प्रधानमंत्री का संबोधन ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु शक्ति, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंडिया और गरीबी उन्मूलन जैसे प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि भारत अब छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने वाला देश नहीं है, बल्कि बड़े सपनों और बड़े संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का समय आ गया है।

    स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके त्याग, संघर्ष और बलिदान के कारण देश को आजादी मिली।

    उन्होंने महात्मा गांधी सहित स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े सभी सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के हर कोने में तिरंगे का गौरव दिखाई दे रहा है और करोड़ों भारतीयों के मन में राष्ट्रभक्ति की भावना उमड़ रही है।

    कोरोना और वैश्विक संकटों का भी किया जिक्र

    अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों के दौरान देश के सामने आई चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कोरोना महामारी के बाद वैश्विक स्तर पर पैदा हुए संकट, यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव का जिक्र किया।

    पीएम मोदी ने कहा कि इन परिस्थितियों के बीच देश में डर और आशंकाओं का माहौल पैदा करने की कोशिशें भी हुईं। वैक्सीन, पेट्रोल-डीजल और खाद की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन भारत ने चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी विकास यात्रा को जारी रखा।

    ऊर्जा सुरक्षा पर जोर, परमाणु क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

    प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को भारत के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने इस दशक में पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए देश को अपनी क्षमताओं का विस्तार करना होगा और बाहरी निर्भरता को कम करना होगा।

    सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा विस्तार

    सेमीकंडक्टर उद्योग को भारत की तकनीकी और आर्थिक ताकत से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने आने वाले सात वर्षों में देश में 5 से 8 सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।

    उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और महत्वपूर्ण विनिर्माण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। ‘मेक इन इंडिया’, स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ को उन्होंने इसी व्यापक आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा बताया।

    क्षा उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी का दावा

    प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है।

    उन्होंने बताया कि इसी अवधि में खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में लगभग सात गुना वृद्धि हुई और आधुनिक रेलवे कोचों के उत्पादन में करीब 21 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    मोबाइल फोन उत्पादन में भी लगभग 33 गुना वृद्धि का दावा प्रधानमंत्री ने किया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल बाजार नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाला देश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    डिजिटल इंडिया ने बदली तस्वीर

    डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग चार गुना हुई है। पेटेंट ग्रांट में भी करीब चार गुना वृद्धि का उल्लेख उन्होंने किया।

    प्रधानमंत्री के मुताबिक, इसी अवधि में डिजिटल ट्रांजैक्शन में करीब 100 गुना बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल तकनीक, इनोवेशन और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में दुनिया के सामने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

    पाइप गैस, नल-जल और आवास योजनाओं का उल्लेख

    प्रधानमंत्री ने देश में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले देश के लगभग 70 शहरों में पाइप वाली गैस की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 700 शहरों तक पहुंच गई है।

    उन्होंने करीब 1.75 करोड़ घरों को पाइप गैस कनेक्शन से जोड़ने की बात कही। इसके अलावा नल से जल, गैस कनेक्शन, शौचालय और गरीब परिवारों के लिए आवास जैसी सुविधाओं के विस्तार को भी उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में शामिल किया।

    25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा

    प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने गरीबी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।

    उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा में समाज के हर वर्ग की भूमिका रही है। गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, दलित, आदिवासी और वंचित वर्ग भारत की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।

    पीएम मोदी बोले- अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा

    प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों और सीमित लक्ष्यों से आगे बढ़ना होगा।

    उनके मुताबिक, बड़े सपने ही देश की सोच और सामर्थ्य को नई दिशा देते हैं। भारत को अपनी उपलब्धियों पर रुकने के बजाय नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना होगा।

    'Fragile Five’ से मजबूत अर्थव्यवस्था तक का सफर

    प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय दुनिया में भारत को ‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया जाता था। लेकिन बीते वर्षों में देश ने आर्थिक विकास और अपनी क्षमताओं के विस्तार के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है।

    उन्होंने कहा कि भारत अब आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति तथा संकल्प देश की सबसे बड़ी ताकत है।

    आत्मनिर्भर भारत को लेकर स्पष्ट संदेश

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बनना नहीं है, बल्कि तकनीक, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

    उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादन को मजबूत करने और भारत में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य देश की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को लंबे समय तक मजबूत करना है।

    80वें स्वतंत्रता दिवस पर विकास का नया संकल्प

    लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस वर्ष का संबोधन भारत की उपलब्धियों और भविष्य के बड़े लक्ष्यों पर केंद्रित रहा। परमाणु ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंडिया से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक प्रधानमंत्री ने देश की विकास यात्रा का खाका सामने रखा।

    प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि भारत को अब अपनी उपलब्धियों से संतुष्ट होकर रुकना नहीं है। देश को बड़े सपने देखने, बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें पूरा करने के लिए सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से दिया गया यह संदेश आत्मनिर्भर, सक्षम और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के संकल्प के रूप में सामने आया।


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