डॉ. भगवान दास की पुण्यतिथि पर काशी विद्यापीठ में श्रद्धांजलि, कुलपति बोले- उनके विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत
वाराणसी :- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रथम कुलपति और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. भगवान दास की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिवार ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंत प्रशासनिक भवन में स्थापित डॉ. भगवान दास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय पुस्तकालय के सामने स्थित डॉ. भगवान दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि डॉ. भगवान दास का जीवन ज्ञान, शिक्षा और समाजसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आज भी विद्यार्थियों तथा समाज को आगे बढ़ने की दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. भगवान दास ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे समाज के निर्माण और मानव कल्याण से जोड़कर देखा।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय, डीन अकादमी प्रो. बंशीधर पाण्डेय, मुख्य गृहपति डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह समेत विभिन्न संकायों के अध्यक्ष, निदेशक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने डॉ. भगवान दास के योगदान को स्मरण करते हुए उनके बताए आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

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