काशी विश्वनाथ मंदिर को मिला नया CEO, सत्यम मिश्रा संभालेंगे जिम्मेदारी; विश्वभूषण मिश्रा को UPSSSC भेजा गया
- राधिका तिवारी
वाराणसी :- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन में शासन ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पीसीएस अधिकारी सत्यम मिश्रा को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। वह विश्वभूषण मिश्रा का स्थान लेंगे। इससे पहले सत्यम मिश्रा प्रयागराज में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर तैनात थे।
शासन स्तर पर हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत विश्वभूषण मिश्रा को मंदिर के CEO पद से हटाकर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) भेजा गया है। वहीं, सत्यम मिश्रा को काशी विश्वनाथ मंदिर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।2015 बैच के PCS अधिकारी हैं सत्यम मिश्रा
मूल रूप से हरदोई जिले के रहने वाले सत्यम मिश्रा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के 2015 बैच के PCS अधिकारी हैं। उन्होंने 15 मार्च 2016 को उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में बतौर PCS अधिकारी कार्यभार संभाला था।
उनकी पहली तैनाती बरेली में डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने गाजीपुर के सैदपुर, महराजगंज और चित्रकूट में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वह रामपुर में सिटी मजिस्ट्रेट भी रहे।
वर्ष 2023 में उन्हें मुरादाबाद में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 6 जनवरी 2025 से वह प्रयागराज में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर कार्यरत थे। अब शासन ने उन्हें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का CEO नियुक्त किया है।
विश्वभूषण मिश्रा को हटाए जाने के बाद नई तैनाती
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में लंबे समय तक CEO की जिम्मेदारी संभालने वाले विश्वभूषण मिश्रा को कुछ समय पहले पद से हटाया गया था। शासन ने उन्हें अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में तैनाती दी है।
मंदिर प्रशासन में उनके कार्यकाल के दौरान कई निर्णय और व्यवस्थागत बदलाव चर्चा में रहे। इनमें मंदिर की कुछ पारंपरिक व्यवस्थाओं से जुड़े फैसले भी शामिल रहे। महंत आवास से बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा को मंदिर लाने की परंपरा से जुड़े एक मामले में भी विवाद सामने आया था।
इसी तरह मंदिर परिसर में प्रसाद बिक्री के लिए लगाए गए एक काउंटर को हटाए जाने का मामला भी चर्चा में रहा। संबंधित काउंटर एक ऐसे एनजीओ से जुड़ा था, जिसे प्रधानमंत्री स्तर पर सम्मान मिल चुका था। मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना पड़ा और बाद में प्रसाद निर्माण करने वालों को काउंटर के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया।
विश्वभूषण मिश्रा के कार्यकाल में परंपराओं और मंदिर व्यवस्थाओं से जुड़े कई फैसलों को लेकर भी सवाल उठते रहे। वहीं, विभागीय स्तर पर उनके प्रमोशन से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा। अब उन्हें मंदिर CEO की जिम्मेदारी से हटाकर UPSSSC भेज दिया गया है।
नए CEO के रूप में सत्यम मिश्रा के सामने मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।


No comments