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    यूपी-112 को और सशक्त बनाने की कवायद: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने की समीक्षा, उत्कृष्ट पीआरवी टीमों को मिलेगा सम्मान

    वाराणसी :-
    कमिश्नरेट वाराणसी में यूपी-112 की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में पुलिस कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में यूपी-112 की कार्यप्रणाली, रिस्पॉन्स टाइम, सेवा गुणवत्ता और जनसंतुष्टि के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
    पुलिस आयुक्त ने कहा कि यूपी-112 आज देशभर में त्वरित पुलिस सहायता का एक सफल मॉडल बन चुका है और प्रत्येक पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स वाहन) को उत्कृष्ट पुलिस सेवा का प्रतीक बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि यूपी-112 की अवधारणा और तकनीकी विकास के शुरुआती चरणों से उनका जुड़ाव रहा है, जिसके कारण इसकी कार्यप्रणाली और चुनौतियों की उन्हें गहरी समझ है।

    उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट वाराणसी की यूपी-112 टीम प्रदेश स्तर पर लगातार शीर्ष प्रदर्शन कर रही है। वर्तमान में औसत रिस्पॉन्स टाइम मात्र 5 मिनट 20 सेकेंड है, जबकि 94 प्रतिशत जनसंतुष्टि का स्तर इसकी प्रभावशीलता को दर्शाता है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने सभी कर्मियों की सराहना की।
    बैठक में पीआरवी कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मी होने के नाते त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध कराएं। साथ ही अपनी वर्दी, व्यवहार, बॉडी लैंग्वेज और कार्यशैली को पेशेवर एवं नागरिकों के प्रति सम्मानजनक बनाए रखें।

    पुलिस आयुक्त ने ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर्मियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा कि यातायात जाम, संदिग्ध गतिविधियों या किसी भी आपराधिक घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाना पुलिस को तत्काल सूचित करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

    बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निर्णय लिया गया कि जनपद की तीन सर्वश्रेष्ठ पीआरवी टीमों को प्रत्येक माह एक-एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाली टीमों की समीक्षा, काउंसलिंग और आवश्यकतानुसार विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

    पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि हर परिस्थिति में यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 9 मिनट के भीतर बनाए रखा जाए। यदि किसी घटना में प्रतिक्रिया समय 10 मिनट से अधिक पाया जाता है तो संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    समीक्षा के दौरान थाना कपसेठी की पीआरवी-4967 को उत्कृष्ट कॉलर संतुष्टि के लिए विशेष प्रशंसा मिली। वहीं चोलापुर, रामनगर, मिर्जामुराद और सारनाथ क्षेत्र की कुछ पीआरवी टीमों को अपनी कार्यप्रणाली में और सुधार लाने के निर्देश दिए गए।

    बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त गोमती ज़ोन एवं यूपी-112 प्रभारी नीतु समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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