दालमंडी प्रोजेक्ट पर बढ़ी हलचल मस्जिद कमेटियों को प्रशासन ने सौंपा प्रस्ताव, 7 दिन में मांगा जवाब
वाराणसी में दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना के दायरे में आने वाले धार्मिक स्थलों के संबंध में जिला प्रशासन ने संबंधित मस्जिद प्रबंधन समितियों के साथ बैठक कर पुनर्वास के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की है। प्रशासन ने समितियों से एक सप्ताह के भीतर अपने सुझाव और सहमति देने को कहा है।राइफल क्लब में आयोजित बैठक की अध्यक्षता एडीएम प्रोटोकॉल विनय कुमार सिंह ने की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मस्जिद समितियों के सामने कई संभावित प्रस्ताव रखे। अधिकारियों ने बताया कि यदि मस्जिद प्रबंधन समान क्षेत्रफल की वक्फ भूमि उपलब्ध कराता है, तो नई मस्जिद के निर्माण का खर्च प्रशासन की ओर से वहन किया जा सकता है। इसके अलावा सरकारी भूमि उपलब्ध होने की स्थिति में वहां भी नए निर्माण का विकल्प रखा गया है।
परियोजना की सीमा में आने वाले धार्मिक स्थलों में करीमुल्ला मस्जिद, लंगड़ा हाफिज मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, अली रजा मस्जिद, निसारन मस्जिद तथा संगमरमर वाली मस्जिद शामिल हैं। इन्हीं विषयों पर प्रशासन और मस्जिद समितियों के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यदि समितियां प्रस्तावों पर सहमति देती हैं, तो पुनर्निर्माण और स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण योजना का उद्देश्य श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन को अधिक सुगम बनाना है। इस योजना के तहत लगभग 630 मीटर लंबी सड़क को 60 फीट चौड़ा करने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार इसमें 30 फीट चौड़ी सड़क तथा दोनों ओर 15-15 फीट चौड़े पैदल मार्ग विकसित किए जाएंगे।
परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से लगभग 216 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत कुल 187 भवनों को अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण प्रक्रिया में शामिल किया गया है। प्रभावित संपत्ति मालिकों को मुआवजे के रूप में राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि भवन स्वामियों की सहमति और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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